यज्ञ हवन में गाय के घी के उपयोग से बढ़ती है आक्सीजन- अमन सिंह, एसपी ने गौशाला पहुंचकर की गौवंश की सेवा

दतिया । गौ की महिमा धार्मिक होने के साथ-साथ वैज्ञानिक भी है। गाय से जुड़ी यह महत्वपूर्ण बातें जानने योग्य हैं। यह बात एसपी अमन सिंह राठौड़ ने गुरुवार को पूर्णिमा के अवसर पर कल्कि धाम गौशाला पहुंचकर गौसेवा के दौरान कही। उन्होंने गायों को हरा चारा खिलाकर उनका पूजन किया। इस मौके पर एसपी ने कहाकि ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति गौमाता के खुर से उडी हुई धूलि को सिर पर धारण करता है वह तीर्थ के जल में स्नान के सामान मानी जाती है। जो सभी पापों से छुटकारा देती है।

उन्होंने कहाकि कहते हैं की गाय के पीछे के पैरों के खुरों के दर्शन करने मात्र से कभी अकाल मृत्यु नहीं होती है। गाय की प्रदक्षिणा करने से चारों धाम के दर्शन लाभ प्राप्त होता है। जिस प्रकार पीपल का वृक्ष एवं तुलसी का पौधा आक्सीजन छोड़ते है, उसी प्रकार यदि एक छोटा चम्मच देसी गाय का घी जलते हुए कंडे पर डाला जाए तो एक टन ऑक्सीजन बनती है।

यही कारण है कि हमारे यहां यज्ञ हवन अग्नि-होम में गाय का ही घी उपयोग में लिया जाता था। प्रदूषण को दूर करने का इससे अच्छा और कोई साधन नहीं है। इस अवसर पर सनातन धर्म सेवा मंडल के प्रवीण भोंड़ेले, मनीष सोनी, चुनमुन पांडे, ज्योति पटैरिया, संजीव दीक्षित, बल्लभ दीक्षित, राधाबल्लभ दीक्षित आदि गौसेवक मौजूद रहे।

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