जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश, चुनावी राज्यों पर पीएम का विशेष फोकस

कोलकाता : विधानसभा चुनाव में भले ही भाजपा सत्ता के शिखर पर नहीं पहुंच पाई हो, लेकिन भगवा ब्रिगेड की पूरी नजर बंगाल पर है। इसका प्रमाण बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार से साफ हो गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में बंगाल के चार सांसदों डाक्टर सुभाष सरकार, शांतनु ठाकुर, जान बार्ला और निशीथ प्रमाणिक को शामिल किया गया है। बंगाल के तीन क्षेत्रों से इन चार सांसदों को मंत्री बनाया गया है।

इसमें उत्तर बंगाल से दो और दक्षिण बंगाल से एक और जंगलमहल से एक शामिल है। इस विस्तार के माध्यम से बंगाल में जातीय व क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश हुई है। वहीं, हिंसा और चुनाव बाद भयभीत पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं को उत्साहित करने की भी कोशिश के रूप में इस कदम को देखा जा रहा है।

एक ओर जहां शांतनु ठाकुर के जरिये मतुआ, निशिथ प्रमाणिक के जरिये राजवंशी समुदाय को साधा गया है तो दूसरी ओर जान बार्ला के जरिये उत्तर बंगाल के चाय श्रमिकों और अनुसूचित जनजाति(एसटी)और डाक्टर सुभाष सरकार के जरिये जंगलमहल को साधने की कोशिश हुई है।

हालांकि, इस विस्तार में उत्तर बंगाल की राजगंज सीट से सांसद देबाश्री चौधरी और आसनसोल से सांसद बाबुल सुप्रियो को मंत्री पद खोना पड़ा है।

हालांकि, बंगाल से चार मंत्री बनाए जाने से एक बार फिर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है। हालांकि, मंत्री पद नहीं मिलने से सौमित्र खां जैसे भाजपा सांसद जरूर थोड़े नाराज हैं।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter