उत्तराखंड कैबिनेट : सरकारी नौकरी को तैयारी कर रहे लोगों के लिए खुशखबरी, आयु सीमा में मिली छूट
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देहरादून : कोविड-19 महामारी की वजह से लंबे अरसे से ठप भर्तियां खुलने का इंतजार कर रहे बेरोजगार युवाओं को पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल ने बड़ी राहत दी है।

राज्य लोक सेवा आयोग की परिधि के अंदर और बाहर समूह ग के पदों पर होने वाली भर्तियों में अधिकतम आयु सीमा में एक बार छूट मिलेगी। यह छूट 30 जून, 2022 तक लागू रहेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक में युवाओं, दिव्यांगों, कर्मचारियों के हित में फैसले लिए गए। मंत्रिमंडल के समक्ष 11 बिंदु रखे गए। इनमें से नौ पर फैसले लिए गए, जबकि गन्ना एवं चीनी विकास विभाग के चीनी मिलों से संबंधित दो प्रस्ताव स्थगित कर दिए गए।

मंत्रिमंडल के फैसलों को ब्रीफ करते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि राज्य लोक सेवा आयोग की परिधि के अंतर्गत और बाहर समूह ग के रिक्त पदों पर भर्ती के प्रस्ताव आयोगों को भेजे गए हैं।

कोरोना संकट के चलते वर्ष 2019-2020 एवं वर्ष 2021 में भी चयन की कार्यवाही बाधित हुई है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के निर्धारित आयु सीमा पूरी करने के कारण उन्हें आवेदन की पात्रता से वंचित होना पड़ सकता है।

इसे देखते हुए एक बार के लिए ऊपरी आयु सीमा में छूट देने का निर्णय लिया है। वर्तमान में यह 42 वर्ष है। दरअसल, 2020 में कोविड-19 की वजह से लागू लाकडाउन के कारण बड़ी संख्या में विभिन्न चयन प्रक्रियाओं में पात्र बेरोजगार आवेदन नहीं कर पाए।

ऐसे अभ्यर्थियों को राहत देने को नौ दिसंबर, 2020 को ऊपरी आयु सीमा में केवल एक बार के लिए आयु की गणना एक जनवरी, 2020 के आधार पर करने की छूट दी गई थी। इस छूट को बढ़ाकर 30 जून, 2022 करने का निर्णय मंत्रिमंडल ने किया है।

इससे सैकड़ों युवाओं को राहत मिलना तय है। दो परीक्षाओं में लागू नहीं होगी छूट मंत्रिमंडल के इस फैसले से राज्य लोक सेवा आयोग के अंतर्गत व्यवस्थापक पद और सचिवालय में समीक्षा अधिकारी (लेखा) पद व सहायक समीक्षा अधिकारी (लेखा) पद के लिए प्रारंभिक परीक्षा 23 मई, 2021 को लाकडाउन के कारण स्थगित की जा चुकी है। इन दोनों परीक्षाओं को आयु सीमा में छूट के दायरे से अलग रखा गया है।

मंत्रिमंडल ने तय किया है कि एनएफएसए के तहत ऐसे परिवार, जिसके किसी सदस्य को दिव्यांग पेंशन के लिए पात्र माना गया है और परिवार की मासिक आय चार हजार रुपये से कम है, उसे अंत्योदय योजना में शामिल किया जाएगा। दिव्यांग पेशन के लिए न्यूनतम दिव्यांगता 40 फीसद होनी चाहिए।

साथ ही ऐसे परिवार जिनका कोई भी सदस्य दिव्यांग हो एवं परिवार की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम हो, को प्राथमिक परिवार मानते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ दिया जाएगा।

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