स्विस की ऑनलाइन कंज्यूमर आउटलेट कम्पेरिस पर रैंसमवेयर अटैक

वाशिंगटन : अमेरिका में लगातार रैंसमवेयर हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से टेलीफोन वार्ता का असर दिखाई देने लगा है।

अमेरिका पर हमले करने वाला रूसी रैंसमवेयर ग्रुप रेविल अचानक गायब हो गया है। अमेरिका में एक के बाद एक साइबर हमले हो रहे थे।

इन हमलों में प्रमुख तेल पाइपलाइन और सैकड़ों कंपनियों के नेटवर्क शिकार हुए थे। ताजा हमला मांस उत्पादक कंपनी जेबीएस पर किया गया।

जिसमें एक करोड़ दस लाख डालर (करीब 82 करोड़ रुपये) की फिरौती मांगी गई थी। घटना के संबंध में जो बाइडन ने पुतिन से टेलीफोन पर वार्ता के दौरान अपनी गंभीर नाराजगी जताई ।

अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने इस दौरान रैंसमवेयर हमला करने वाले ग्रुप रेविल की भी पूरी जानकारी रूस को दे दी।

रेविल नाम रैंसमवेयर ईविल से दिया गया है। बाइडन की पुतिन से वार्ता के कुछ दिनों के बाद रेविल ग्रुप निष्कि्रय हो गया है।

डार्क वेब पर इस ग्रुप की साइटें अचानक गायब हो गई हैं। अब सवाल उठ रहा है कि यह सब कैसे और किसने किया। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या रेविल की गतिविधियां दोबारा शुरू हो सकती हैं या नहीं।

विशेषज्ञों को आशंका है कि इस समूह के रैंसमवेयर हमलावर फिर किसी अन्य नाम से सक्रिय हो सकते हैं। रेविल के फिलहाल बंद होने के बाद बाइडन और पुतिन को यह कहने का मौका जरूर मिला है कि वे समस्या के समाधान में लगे हुए हैं। 

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