चंडीगढ़ : कृषि सुधार कानूनों के विरोध के नाम पर शनिवार को यहां जमकर उपद्रव हुआ। उपद्रवियों की भीड़ ने मेयर रविकांत शर्मा, भाजपा के मंडल अध्यक्ष अवि भसीन और पार्टी के पूर्व चंडीगढ़ अध्यक्ष तथा हिमाचल प्रदेश के सह प्रभारी संजय टंडन पर हमला कर दिया।
इनकी गाड़ियों पर राड व लाठी-डंडे चलाए और पथराव किया। गनीमत रही कि हमले में तीनों नेता बाल-बाल बचे मगर उनकी गड़ियां बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।
उपद्रवियों की संख्या करीब 400 बताई जा रही है। पुलिस ने 250 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर 20 को गिरफ्तार किया है। कुछ लोगों पर हत्या के प्रयास की धारा में लगी है।
जानकारी के मुताबिक ये नेता सेक्टर-48 में मोटर मार्केट एसोसिएशन की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में पहुंचे थे। भाजपा नेता अवि भसीन ने बताया कि पूरे कार्यक्रम में माहौल शांत था, लेकिन जब सभी नेता वहां से वापस लौटने लगे तो अचानक पहुंचे 400 लोगों ने उन पर हमला कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने गाड़ी के अंदर बैठे मेयर रविकांड पर राड से जानलेवा हमला करने की कोशिश की। हमले में मेयर की गाड़ी सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त हुई है। संजय टंडन की गाड़ी के शीशे टूट गए।
थाने में जमकर हंगामा, पुलिस ने उपद्रवियों पर किया लाठी चार्ज प्रदर्शनकारियों के राउंडअप होने की सूचना पर कुछ किसान नेताओं उन्हें छुड़वाने की कोशिश की। कुछ ही देर में सेक्टर-31 थाना परिसर में किसान आंदोलन समर्थकों की भीड़ जुट गई।
भीड़ में शामिल लोगों ने नारेबाजी कर पकड़े गए लोगों को छोड़ने की मांग की। थाना परिसर खाली करवाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
एसएसपी बोले- ये किसान नहीं, गुंडे हैं एसएसपी कुलदीप सिंह चहल को कहना पड़ा, मैं भी किसान हूं, कोई किसान इस तरह की हरकत नहीं कर सकता। प्रदर्शनकारी किसान नहीं गुंडे हैं। इन्हें छोड़ा नहीं जा सकता।
नाबालिग बोला, मेरी सेफ्टी के लिए पुलिस ने बस में बैठाया था उपद्रवियों को हिरातस में लेने के दौरान एक नाबालिक को भी पुलिस की बस में बैठा लिया।
यह तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गई। इंटरनेट मीडिया पर इसे लेकर बयानबाजी होती रही।
देर रात 11 वर्षीय नाबालिग ने मीडिया को बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने मुझे गाड़ी में बैठाया था। बाद में सुरक्षित जगह पर उतार दिया था।


