अब टीपू सुल्तान पर शिवसेना-बीजेपी में खिंचीं तलवारें, जानिए विवाद और क्या है ‘शेर-ए-मैसूर’ का इतिहास

मुंबई : महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी की तरफ से मुंबई के गोवंडी इलाके में निर्मित एक वाटिका का नामकरण टीपू सुल्तान के नाम पर करने के प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक दलों में तकरार शुरू हो गई। भाजपा व हिंदू संगठनों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है।

गोवंडी की सपा पार्षद रुख्साना सिद्दीकी ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को वाटिका का नाम टीपू सुल्तान पर रखने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने अंग्रेजों से लोहा लिया था।

क्या देश के लिए उनकी लड़ाई कोई मायने नहीं रखती? पुलिस ने भी दंगा भड़काने की कोशिश का आरोप लगाते हुए नोटिस दिया था।

मैंने उसका जवाब दे दिया है।’ सपा पार्षद के इस प्रस्ताव का भाजपा व हिंदू जनजागृति समिति ने पुरजोर विरोध किया।

समिति के सदस्यों ने मुंबई की मेयर किशोरी पेडणेकर से मुलाकात भी की। उनका कहना है कि टीपू सुल्तान ने अपने शासनकाल में हिंदुओं पर अत्याचार करते हुए उन्हें मतांतरण के लिए मजबूर किया।

भाजपा सांसद मनोज कोटक ने शिवसेना के हिंदुत्व पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि शिवसेना ने हिंदुत्व के विचारधारा को त्याग दिया है।’ विवाद बढ़ता देख बीएमसी ने वाटिका के नामकरण का फैसला स्थगित कर दिया। 

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