पेड़-पौधे ही प्रकृति का वास्तविक श्रृंगार है – गिर्राज चौधरी, सालौनबी स्कूल परिसर में रोपे गए पौधे

दतिया : पेड़-पौधे ही प्रकृति का वास्तविक श्रृंगार है। वर्तमान में जिस दौर से हम गुजर रहे हैं उसका कारण प्रकृति संरक्षण की दिशा में हुई गलतियां है। अगर समय रहते हमने वृक्षों को सहेजने में देर की तो आने वाला समय और भी खराब हो सकता है। यह बात जनता हायर सेकंडरी विद्यालय के प्राचार्य गिर्राज चौधरी ने ग्राम सालौन बी में पौधारोपण के दौरान कही। इस दौरान आंवला, अमरूद, नींबू, कनेर, गुलमोहर सहित करीब 25 पौधों को रोपित किया गया।

इस मौके पर प्राचार्य गिर्राज चौधरी ने कहाकि कोरोना काल में आक्सीजन की कमी ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। जबकि इन्हीं पेड़ पौधों से हमें मुफ्त में हर समय आक्सीजन मिलती है। अगर हम सभी अपने आसपास सार्वजनिक स्थानों पर पौधों को लगाने का संकल्प लें, तो चारों ओर का प्रदूषण कम होने के साथ जीवनदायनी आक्सीजन वातावरण में बढ़ेगी।

हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम 10 पौधे रोपने चाहिए। प्राचार्य चौधरी ने शासन स्तर पर चलाए जा रहे अंकुर अभियान में भी पौधारोपण कर सहभागी बनने की बात कही।

इस अवसर पर स्कूल परिसर में स्टाफ ने विभिन्न प्रजाति के फलदार और फूलदार पौधे रोपित किए गए। पौधारोपण में रामभूषण मिश्रा, अयोध्या प्रसाद धाकड़, रामकिशोर धाकड़, ब्रजभूषण विसोरिया, रामदास वर्मा, रवि श्रीवास्तव, धर्मेंद्र सिहारे आदि शामिल रहे।

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