नई दिल्ली : केरल के कोट्टियूर निवासी दुष्कर्म पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए उस पूर्व पादरी से शादी की अनुमति देने का आग्रह किया है जो उस अपराध में 20 साल कैद की सजा काट रहा है। पीड़िता के साथ जब दुष्कर्म हुआ तब वह नाबालिग थी।
बाद में उसने एक बच्चे को जन्म दिया। महिला ने पूर्व पादरी को जमानत पर रिहा करने की मांग की है। रोबिन वडक्कुमचेरी को वर्ष 2019 में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पाक्सो) कानून के तहत मामलों की सुनवाई करने वाली अदालत ने दोषी ठहराया था।
इसके बाद पीड़िता ने दावा किया था कि दोनों में सहमति से संबंध बने थे। केरल हाई कोर्ट ने वडक्कुमचेरी की एक याचिका को ठुकरा दिया, जिसमें उसने पीड़िता से शादी करने के लिए जमानत का अनुरोध किया था।
शीर्ष अदालत ने 13 जुलाई, 2018 को मामले में नाबालिग व तत्कालीन कैथोलिक पादरी से जुड़े आरोपों को बहुत गंभीर करार देते हुए मामले की सुनवाई पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया था। पुलिस ने तब दो डाक्टरों व अस्पताल के एक प्रशासक पर भी मुकदमा दर्ज किया था।


