नई दिल्ली : खाद घोटाले के मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए गए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सदस्य अमरेंद्र धारी सिंह को दिल्ली हाई कोर्ट ने चिकित्सा आधार पर जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की पीठ ने कहा कि सिंह कैंसर समेत कई बीमारियों से पीड़ित हैं और इसके लिए दवा ले रहे हैं। ऐसे में तथ्यों एवं परिस्थितियों को देखते हुए उनको 10 लाख रुपये के निजी मुचलके व इतनी ही राशि के एक जमानती पर जमानत दी जाती है।
पीठ ने निर्देश दिया कि बगैर विशेष अदालत की अनुमति के वह देश से बाहर नहीं जाएंगे और जांच एजेंसी के बुलाने पर जांच में शामिल होंगे। वह गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे। याचिका का निपटारा करते हुए पीठ ने कहा कि याची बीते 10 साल में विभिन्न कारणों से 90 बार विदेश जा चुके हैं और 2002 से कैंसर से पीड़ित हैं।
अमेरिका में इलाज के लिए उन्हें विदेश जाने की अनुमति पहले दी गई थी। एडिशनल सालिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि याचिकाकर्ता की तबीयत गंभीर नहीं है और उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा की जरूरत नहीं है। लेकिन इससे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि सिंह कैंसर व अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं और इसकी दवाइयां चल रही हैं। अमरेंद्र ने दलील दी थी कि वह 62 वर्ष के हैं और 19 साल से बीमारी से जूझ रहे हैं।
यह है मामला अप्रैल, 2013 में खाद घोटाला की एक शिकायत पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने धोखाधड़ी के कथित अपराधों व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला मई, 2021 में दर्ज किया था। 19 मई को अमरेंद्र धारी सिंह के आवास और कार्यालय परिसर में छापेमारी की गई थी और 20 मई को ईडी ने भी मामला दर्ज कर लिया था। इसी के आधार पर ईडी ने दो जून को उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। पूरा मामला इफको और इंडिया पोटाश लिमिटेड (आइपीएल) से जुड़े एक कथित खाद घोटाले से संबंधित है।


