लखीमपुर : करीब 17 साल पहले खीरी जिले में हुए बहुचर्चित अनाज घोटाले की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) की एक टीम शनिवार को लखीमपुर पहुंची।
इस मामले की सुनवाई सीबीआइ की लखनऊ कोर्ट में चल रही है। टीम केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के भाई विजय मिश्र राजू के कपूरथला स्थित आवास पहुंची।
सीबीआइ का तीन सदस्यीय दल वहां करीब पंद्रह मिनट तक रुका और उनको नोटिस भी तामील कराई। हालांकि, यह नोटिस था, वारंट था या फिर एनबीडब्ल्यू, पुष्टि नहीं हो पाई। माना जा रहा है कि अनाज घोटाले से तार जुड़े होने के कारण विजय मिश्र को नोटिस जारी करते हुए सीबीआइ ने उनको नौ अगस्त को लखनऊ बुलाया है।
पता यह भी चल रहा है कि सीबीआइ ने यही नोटिस शहर के दो अन्य लोगों को भी जारी किया है और उनको भी नौ अगस्त को सीबीआइ कोर्ट में तलब किया गया है। मिश्र के आवास से निकली सीबीआइ की टीम ने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया।
मिश्र व उनके परिवार वालों ने भी कुछ बोलने से साफ मना कर दिया। सीओ सिटी अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि यह सही है कि सीबीआइ की टीम शहर में आई थी लेकिन किसलिए, इस बारे में जानकारी नहीं है।
यह था मामला 2004 में खीरी जिले में अरबों रुपये का अनाज घोटाला सामने आया था। यहां गरीबों को मिलने वाले अनाज की कालाबाजारी की परतें जब यूपी सरकार की फूड सेल व ईओडब्ल्यू ने उधेड़ीं तो जिले के तत्कालीन डीएम एसपीएस सोलंकी व पांच एसडीएम को सस्पेंड होना पड़ा।
जिले के लगभग सभी 22 थानों में 66 मुकदमे दर्ज कराए गए, जिसमें खीरी जिले के पांच एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल, गोदाम प्रभारी, कोटेदार व ठेकेदार समेत करीब 400 लोगों को नामजद किया गया। 2008 में इस सनसनीखेज घोटाले की जांच सीबीआइ को सौंपी गई, जिसका ट्रायल अब सीबीआइ की लखनऊ कोर्ट में चल रहा है।


