बरेली : जैन दंपती हत्याकांड में उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य के पति पप्पू गिरधारी पर शिकंजा कसता नजर आ रहा। गुरुवार को कोर्ट आरोपित के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर चुका है।
अब बचाव के लिए पप्पू ने हाई कोर्ट जाने की तैयारी शुरू कर दी है, इसके लिए कोर्ट के नकल विभाग से आदेश की कापी मांगी है। वहीं, प्रकरण के तीन अन्य आरोपितों की जमानत पर सोमवार को अपर सेशन जज अब्दुल कयूम की कोर्ट में सुनवाई होगी।
जून, 1990 में बरेली के सिविल लाइंस में रहने वाले नरेश जैन और उनकी पत्नी पुष्पा जैन की हत्या कर दी गई थी। उनकी बेटी प्रगति की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच में पप्पू गिरधारी समेत अन्य आरोपितों के नाम शामिल किए गए।
जोगी नवादा निवासी पप्पू गिरधारी, हरिशंकर, रोहली टोला निवासी भगवान दास, कटरा चांद खां निवासी केपी वर्मा, साबिर, शीशगढ़ निवासी योगेश चंद्र, आंवला निवासी बजरुउद्दीन, भुता निवासी नरेश कुर्मी, फतेहगंज पश्चिमी निवासी हरपाल, बदायूं के मोहल्ला ब्रह्मपुरा निवासी जगदीश सरन व पूनम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
जमानत पर आने के बाद आरोपितों की कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई चल रही। इसलिए जारी हुए वारंट कोरोना संक्रमण थमने के बाद 15 दिन से कोर्ट में नियमित तारीखें लग रहीं। इस प्रकरण में भी दो तारीखें लगीं मगर, आरोपित पप्पू गिरधारी, बजरुद्दीन, नरेश, जगदीश कोर्ट में पेश होने नहीं पहुंचा।
जिस पर वारंट जारी किए गए तो गुरुवार को बजरुद्दीन, नरेश व जगदीश कोर्ट पहुंचा, जहां से जेल भेज दिया गया। जबकि गैर हाजिर पप्पू गिराधारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया। पप्पू गिरधारी के अधिवक्ता अनिल भटनागर ने बताया कि कई वर्ष पूर्व पत्रावली गुम होने से दोबारा बनाई जा रही है। कोर्ट ने दिल्ली से एक बैनामा की नकल एवं लखनऊ से फिंगर प्रिंट की रिपोर्ट तलब की थी।
अभी दोनों अभिलेख दाखिल नहीं हुए हैं। दो वर्ष पूर्व तत्कालीन न्यायाधीश ने आरोपितों की व्यक्तिगत हाजिरी से छूट प्रदान करते हुए अधिवक्ताओं के माध्यम से हाजिरी स्वीकारने का आदेश दिया था। फिलहाल, बचाव पक्ष के पास हाईकोर्ट में गुहार लगाने का अधिकार है। इसकी तैयारी कर रहे हैं।
मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को तय है। जिला छोड़ उत्तराखंड का रुख कई संपत्ति विवाद में घिरने के बाद पप्पू गिरधारी ने बरेली जिला छोड़कर उत्तराखंड का रुख कर लिया था।
हालांकि यहां सियासत में हाथ आजमाने की कोशिश होती रही थी। कुछ वर्ष पूर्व उत्तराखंड में ही रेखा आर्य से शादी कर ली थी, जोकि अब उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं।


