दक्षिण अफ्रीका में हिंसा : प्रवासी भारतीयों की उग्र भीड़ ने की मारपीट, एक दर्जन अश्वेतों की मौत

फीनिक्स : दक्षिण अफ्रीका के शहर फीनिक्स में जैकब जूमा मामले को लेकर अफ्रीकी अश्वेतों और भारतीयों के बीच सड़कों पर हिंसा ने एक बार फिर विकराल रूप ले लिया है। इस हिंसा में घायल हुए तकरीबन एक दर्जन अफ्रीकी अश्वेत मारे गए हैं।

बल्ला, हाकी स्टिक, हथौड़ा जैसे औजारों को हथियार बनाकर भारतीयों की एक उग्र भीड़ ने एक मिनी बस टैक्सी को रोककर उसमें बैठे अश्वेत युवाओं के एक समूह को बेदर्दी से मारा-पीटा है। यह मारपीट इतनी भयावह थी कि मार खाने वालों में से तकरीबन दर्जन भर लोगों की मौत हो गई है।

फीनिक्स की सड़कों पर भारतीय समूह के लोगों ने तनावग्रस्त होकर उन्हें ब्लाक कर दिया है। और अफ्रीकी लोगों को ढूंढकर उन्हें निशाना बना रहे हैं। वाट्सएप मैसेजों के वायरल होने के बाद फिर भड़की ताजा हिंसा के दौरान एक मिनी टैक्सी बस में सवार ड्लामिनी और उसके दोस्तों को घेरकर मारा-पीटा गया।

ड्लामिनी के दोस्तों में से कुछ जान बचाकर बच निकलने में कामयाब रहे। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो फुटेज के अनुसार पिछले कुछ दिनों से वाट्सएप पर चेतावनी दी जा रही थी कि अफ्रीकी अश्वेत चंद दिनों में भारतीयों पर हमला कर सकते हैं।

और उन अश्वेतों की तरफ से दर्ज कराई जाने वाली रिपोर्ट का मकसद उनके समुदाय की दुकानों को लूटना ही होगा। बताया जाता है कि ड्लामिनी बुरी तरह जख्मी हो गए थे और बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाने के लिए सड़क पार ही कर पाए थे कि उनकी मौत हो गई।

यह जानकारी उनके परिवार ने दी है। इस हिंसा के बाद फीनिक्स के प्रांत क्वाजुलू के प्रधानमंत्री सिहले जिकालाला ने कहा कि मारे गए लोग निर्दोष थे और पर्यटन के लिए आए थे। पुलिस मिनिस्टर के अनुसार जिन लोगों पर हमला किया गया उन 36 लोगों में से 33 अफ्रीकी अश्वेत थे। इस संबंध में अब पुलिस ने करीब 56 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

उल्लेखनीय है कि अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जूमा के भ्रष्टाचार के मामले में सुनवाई में पेश होने से इन्कार करने के बाद हुई जेल भेजे जाने के खिलाफ फीनिक्स शहर में भारतीयों और अफ्रीकी अश्वेतों के बीच इसी साल गर्मियों में जमकर हिंसा हुई थी। तब राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा को बयान जारी करके देश में शांति के लिए संदेश देना पड़ा था। जुलाई के महीने से पहले इन दंगों में 340 से अधिक लोग मारे गए थे। 

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