जम्मू : जम्मू में मौसम की सटीक जानकारी के लिए अब श्रीनगर के मौसम विभाग, स्कास्ट जम्मू और एयर ट्रैफिक कंट्रोल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जम्मू के बन तालाब में आधुनिक एक्स बैंड डाप्लर रडार व जीपीएस आधारित उपकरण पायलट सौंडे लगने से बारिश, आंधी, बाढ़ व बादल फटने से दो से तीन घंटे पहले ही सटीक जानकारी मिल जाएगी। इसका लाभ कृषि, पर्यटन क्षेत्रों के साथ विशेष तौर पर माता वैष्णो देवी की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को होगा।
इसका उद्घाटन रविवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने किया। 3 घंटे पहले मौसम का सटीक पूर्वनुमान मिलेगा : प्राकृतिक आपदाओं, मौसम की चुनौतियों का सामना करने वाले जम्मू-कश्मीर में स्थापित एक्स-बैंड डाप्लर तीन घंटे पहले मौसम के बारे में सटीक जानकारी देगा।
वहीं, अत्याधुनिक पायलट सौंडे उपकरण की सहायता से किसी भी मौसम में आंकड़े एकत्र करने में सहायता मिलेगी। नई तकनीक से आंधी, तेज बारिश, बादल फटने, बाढ़ जैसे हालात का तीन घंटे पहले ही पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। 100 किमी हवाई क्षेत्र को कवर करेगा : यह रडार सौ किलोमीटर हवाई क्षेत्र को कवर करेगा। इससे पहले जम्मू संभाग में मौसम की सटीक जानकारी के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। सबसे अधिक परेशानी बरसात के मौसम होती थी।
इस रडार का सबसे अधिक फायदा जम्मू संभाग के दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों में भी होगा। जहां पर बादल फटने की अधिकतर घटनाएं होती हैं। मौजूदा समय में मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर, स्कास्ट (शेर-ए-कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय) जम्मू, एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अगले 24 घंटे की मौसम संबंधी जानकारी मिलती है। गौरतलब है कि श्रीनगर में यह रडार वर्ष 2014 में आई बाढ़ के बाद स्थापित किया गया था।


