लखनऊ : कृषि कानूनों के विरोध में मुजफ्फरनगर की किसान महापंचायत को यथासंभव हवा देकर विपक्ष ने एक सवाल खड़ा करने की कोशिश की है कि ‘क्या किसान भाजपा सरकार से नाराज है?’ इसका जवाब भाजपा अब किसान सम्मेलन से देने जा रही है। लखनऊ में आयोजित किसान सम्मेलन में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से पचास-पचास किसान बुलाए गए हैं।
विधानसभा चुनाव के लिहाज से सभी दल किसानों की भूमिका को काफी अहम मान रहे हैं। यही वजह है कि कृषि कानून विरोधी आंदोलन के समर्थन में सभी विपक्षी दलों ने ताकत लगाई है। वह इसके सहारे भाजपा को कमजोर करना चाहते हैं, तो सत्ताधारी दल ने भी अपनी पूरी रणनीति तैयार कर ली है।
बुधवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह ने बताया कि 18 सितंबर को यहां आशियाना स्थित स्मृति उपवन में आयोजित किसान सम्मेलन में सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से पचास-पचास प्रगतिशील और आधुनिक खेती करने वाले किसानों को बुलाया गया है।


