नई दिल्ली : कर्ज में डूबे वीडियोकान ग्रुप के अधिग्रहण के लिए वेदांता ग्रुप की सहयोगी कंपनी द्वारा लगाई गई बोली को कर्जदाताओं ने नेशनल कंपनी ला अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनक्लैट) में चुनौती दी है। सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) सहित 13 कर्जदाताओं ने न्यायाधिकरण से नई बोलियां मंगाने की गुहार लगाई है।
दरअसल, अरबपति अनिल अग्रवाल की ट्विन स्टार टेक्नोलाजीज ने वीडियोकान इंडस्ट्रीज के अधिग्रहण के लिए महज 2,962 करोड़ रुपये की पेशकश की थी, जबकि कंपनी पर कर्जदाताओं के 64,838.63 करोड़ रुपये के बकाया हैं। ऐसे में अगर वह वेदांता ग्रुप की बोली स्वीकार कर लेते हैं तो उन्हें अपने कर्ज का सिर्फ चार फीसद वापस मिलता, जो उनके लिए बड़े घाटे का सौदा था।
एनक्लैट की पीठ ने मामले पर अगली सुनवाई के लिए 27 सितंबर की तारीख दी है। नौ जून को एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने ट्विन स्टार टेक्नोलाजी द्वारा 2,962 करोड़ रुपये में वीडियोकान ग्रुप के अधिग्रहण को मंजूरी दी थी। हालांकि इस फैसले को असंतुष्ट कर्जदाताओं ने एनक्लैट में चुनौती दी, जिसने सौदे पर रोक लगा दिया।


