कोर्ट का अनोखा फैसला, मारपीट के आरोपी को पांच बच्चों को मुफ्त में दूध पिलाने की शर्त पर दी जमानत

झंझारपुर (मधुबनी) : बिहार के मधुबनी जिला अंतर्गत झंझारपुर में एडीजे अविनाश कुमार (प्रथम) की अदालत ने गुरुवार को एक बार फिर लीक से हटकर निर्णय किया।

रंगदारी व मारपीट के दो आरोपितों को कोर्ट ने पांच दलित परिवारों के बच्चों को छह माह तक आधा-आधा लीटर मुफ्त दूध देने की शर्त पर जमानत दे दी। गौरतलब है कि मंगलवार को एडीजे ने एक आरोपित को गांव की महिलाओं के कपड़े धोने की शर्त पर तथा बुधवार को एक व्यक्ति को दस फलदार पौधे लगाने की शर्त पर जमानत दी थी।

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने कोर्ट से कहा कि दोनों आरोपित 160 दिनों से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में हैं। दोनों किसान व पशुपालक हैं। दूध बेचते हैं। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद एडीजे ने 10-10 हजार के दो मुचलकों के साथ तीन गाय रखने वाले शिवजी मिश्रा को तीन दलित बच्चों और दो गाय रखने वाले अशोक मिश्रा को दो दलित बच्चों को छह माह तक आधा-आधा लीटर गाय का दूध मुफ्त देने की शर्त पर जमानत दी।

आदेश में कहा गया कि छह माह तक मुफ्त में दूध देने के बाद बच्चों के माता-पिता से प्रमाण पत्र लेकर पंचायत के मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, एमएलए में से किसी एक से प्रमाणित कराकर कोर्ट में जमा करना होगा। 22 मार्च को शिवजी मिश्रा और अशोक मिश्रा को गिरफ्तार किया गया था। उसी समय से दोनों जेल में हैं। दोनों पर रंगदारी मांगने और नहीं देने पर बाइक से ठोकर मार कर गिराने और चाकू से जख्मी करने का आरोप है। भगवान कुमार झा के आवेदन पर 28 फरवरी को यह मामला दर्ज किया गया था। 

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