इटली ने भारत की ‘कोविशील्ड’ वैक्सीन को दी मान्यता, ग्रीन पास के लिए पात्र होंगे भारतीय वैक्सीन कार्ड होल्डर

रोम, एएनआइ : यूरोपीय संघ (ईयू) के सदस्य देश इटली ने भी कोरोना रोधी कोविशील्ड को मान्यता दे दी है। अब इस वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके लोग ग्रीन पास के पात्र होंगे और बिना रोकटोक इटली आ जा सकेंगे।

रोम स्थित भारतीय दूतावास ने एक ट्वीट में कहा कि यह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया और उनके इतावली समकक्ष राबर्टो स्पेरांजा के बीच जी20 स्वास्थ्य मंत्रियों के बीच बैठक का नतीजा है।

इससे पहले बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इटली के अपने समकक्ष लुइगी डि माओ के साथ बातचीत में वैक्सीन की मान्यता और यात्रा संबंधी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की थी। इस समय इटली के विदेश मंत्री जी20 के अध्यक्ष हैं। समाचार एजेंसी आइएएनएस के मुताबिक इटली को मिलाकर अब तक ईयू के 19 देशों ने सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया की वैक्सीन कोविशील्ड को मान्यता दे चुके हैं।

इनमें आस्टि्रया, बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आइसलैंड, आयरलैंड, लात्विया, नीदरलैंड, रोमानिया, स्लोवानिया, स्पेन, स्वीडन और स्विटजरलैंड शामिल हैं। घाना ने मान्यता नहीं देने वाले ईयू के देशों की आलोचना की ईयू के 27 में से आठ देशों ने अभी कोविशील्ड को मान्यता नहीं दी है। घाना ने कोविशील्ड को मान्यता नहीं देने वाले ईयू के देशों की आलोचना की है।

संयुक्त राष्ट्र के 76वें सत्र को संबोधित करते हुए घाना के राष्ट्रपति नाना एकुफो-एडो ने कहा कि कोवैक्सीन के तहत यह वैक्सीन अफ्रीकी देशों को दी गई है। कोविशील्ड को मान्यता नहीं देने वाले यूरोपीय संघ के देश वास्तव में दूसरे देशों से लोगों के आने पर रोक लगाने के लिए इस वैक्सीन का इस्तेमाल कर रहे हैं जो बहुत ही प्रतिगामी कदम होगा।

घाना को कोविशील्ड की 6.52 लाख डोज मिली है। इसमें 50 हजार डोज अनुदान के रूप में दी गई है। दबाव के बाद ब्रिटेन ने सशर्त मान्यता दी कोविशील्ड की मान्यता को लेकर ब्रिटेन से विवाद बना हुआ है। पहले तो ब्रिटेन ने कोविशील्ड को मान्यता ही नहीं दी थी, जबकि इस वैक्सीन को वहीं के आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका कंपनी ने मिलकर विकसित की है और उसका उत्पादन भारतीय कंपनी सीरम कोविशील्ड के नाम से करती है।

भारत के दबाव के बाद ब्रिटेन ने कोविशील्ड को मान्यता तो दी है, लेकिन क्वारंटाइन की शर्त लगा दी है। इसके तहत कोविशील्ड लगवाने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से 10 दिन क्वारंटाइन में रहना होगा। यह नियम चार अक्टूबर से प्रभावी हो रहा है। भारत ने इस नियम को भेदभावपूर्ण बताया है और जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है।

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