पटियाला : पंजाब पुलिस की दो महीने पहले सब इंस्पेक्टरों की भर्ती के लिए हुई आनलाइन लिखित परीक्षा में बड़ा घपला हुआ है। 15 से अधिक लोगों के एक गिरोह ने कंप्यूटर हैक करने के बाद उम्मीदवारों के पेपर दिए थे। इसका पता उस समय चला जब पटियाला पुलिस ने एक सूचना के आधार पर इस मामले को ट्रेस किया। गिरोह का नेटवर्क पटियाला से लेकर उत्तर प्रदेश तक जुड़ा हुआ है। सितंबर की शुरुआत से पटियाला पुलिस इस केस को हल करने में जुटी थी। इसके बाद 16 सितंबर को थाना अनाज मंडी में केस दर्ज किया।
केस दर्ज करने के बाद हाल ही में पुलिस ने गुरप्रीत सिंह शैली निवासी रटौला, हरदीप सिंह लाडी निवासी फतेहपुरी, प्रदीप कुमार सोनू निवासी पटियाला, जसवीर सिंह निवासी ज्ञान कालोनी, पटियाला, बलजिंदर सिंह पाबला निवासी मोहाली, जसुखविंदर सिंह निवासी मनियाणा, अंकित कुमार निवासी उत्तर प्रदेश व लवनीश गुप्ता निवासी संगरूर को गिरफ्तार किया है। इन लोगों से रविवार को भी सीआइए स्टाफ में पूछताछ की गई है। मामले में नामजद अवतार सिंह निवासी संगरूर व किशन निवासी पंचकूला की तलाश की जा रही है।
इनकी तलाश में सीआइए स्टाफ व अनाज मंडी थाना पुलिस की दो टीमें बनाई गई हैं। दोनों टीमें उक्त आरोपितों को काबू करने में जुटी हैं। दर्ज मामले के अनुसार पंजाब पुलिस ने 560 सब इंस्पेक्टरों की भर्ती के लिए पोस्टें निकालीं थी। भर्ती जिला कैडर, आर्म्ड पुलिस कैडर, इंटेलीजेंस व जांच कैडर के लिए होनी थी। जुलाई में शुरू हुई प्रक्रिया के बाद लिखित टेस्ट का समय रखा था। 800 अंकों वाले इस टेस्ट के लिए सरकार ने एक प्राइवेट फर्म के साथ एग्रीमेंट करके साफ्टवेयर के जरिये टेस्ट लेना तय किया था। इसके लिए बनाए केंद्रों में कंप्यूटर का इंतजाम किया था।
उधर, गिरोह ने प्रति उम्मीदवार 30 लाख रुपये में सौदा करने के बाद साफ्टवेयर के जरिये कंप्यूटर हैक करके बाहर बैठे ही आनलाइन पेपर दिए थे। पेपर देने के कुछ दिन बाद पंजाब पुलिस को इसकी भनक लगी थी। कई अधिकारियों के बेटे व रिश्तेदार भी निशाने पर इस हैकिंग के जरिये पेपर देने वालों में कुछ अधिकारियों के बेटे व रिश्तेदारों के नाम शामिल होने की संभावना हे। इस वजह से अभी किसी भी अधिकारी ने कुछ भी कहने से इन्कार किया है। मामले की जांच डीजीपी आफिस की देखरेख में चल रही है, जहां पर पटियाला पुलिस इंटेरोगेशन के बाद हर रिपोर्ट पेश कर रही है।


