भुवनेश्वर : चक्रवात ‘गुलाब’ के रविवार शाम लगभग छह बजे तूफान ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से 25 किलोमीटर दूर उत्तर दिशा में तट से टकराया। हालांकि इसकी रफ्तार उतनी तेज नहीं है, जितनी आशंका थी। ओडिशा के सात जिलों में रेड अलर्ट है। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में चक्रवात की चपेट में आने से एक मछुआरे की मौत हो गई, एक घायल और एक लापता है।
इधर भुवनेश्वर के गजपति व गंजाम जिले में भारी बारिश हुई। लगभग तीन दर्जन जिलों में हल्की बारिश हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से फोन पर बात की है और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। नवीन पटनायक ने प्रभावित जिलों में रहने वाले लोगों तथा बाढ़ प्रभावित होने वाले लोगों तथा भूस्खलन वाले इलाके के लोगों को युद्ध स्तर पर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने आश्रय स्थलों में व्यवस्था करने तथा कोविड नियमों का अनुपालन करने के भी निर्देश दिए।
शिक्षण संस्थान बंद, ट्रेनें भी प्रभावित : ओडिशा सरकार ने तूफान से ज्यादा प्रभावित रेड और आरेंज अलर्ट वाले 11 प्रभावित जिलों में सोमवार को शिक्षण संस्थान बंद रखने की घोषणा की है। तूफान के मद्देनजर प्रभावित जिलों के लगभग 16 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं। वहीं, छह ट्रेनों का परिचालन रद कर दिया गया है। साथ ही 16 ट्रेनों के मार्ग बदल दिए गए हैं, जबकि आठ के समय में बदलाव किया गया है।
30 जिले प्रभावित : भुवनेश्वर क्षेत्रीय मौसम विभाग के अनुसार ओडिशा के दक्षिणी भाग में स्थित सात जिलों गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, कंधमाल, मलकानगिरी व नयागढ़ में इसका ज्यादा प्रभाव रहेगा। इन जिलों में पहले से ही रेड अलर्ट जारी है। इसके अलावा अन्य चार जिलों में आरेंज और 19 जिलों में यलो अलर्ट जारी है। रविवार शाम ओडिशा के इलाकों में तूफान की गति 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। तूफान की रफ्तार तेज गोकर 75 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
प्रभावित जिलों से 16 हजार लोगों को स्थानांतरित किया गया है। तूफान प्रभावित जिलों में बचाव के लिए ओड्राफ (ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स) की 42 और एनडीआरएफ की 24 टीमें भेजी गई हैं। -प्रदीप जेना, आयुक्त, विशेष राहत, ओडिशा गुलाब के बाद आएगा शाहीन संयुक्त राष्ट्र की इकोनामिक एंड सोशल कमीशन फार एशिया एंड पैसिफिक (ईस्कैप) पैनल के 13 सदस्य देश भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, पाकिस्तान, मालदीव, ओमान, श्रीलंका, थाईलैंड, ईरान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और यमन हैं।
इनमें प्रत्येक देश को उसके नाम के पहले अक्षर के अल्फाबेटिकल क्रम के आधार पर अगले चक्रवात का नाम रखने की जिम्मेदारी दी गई है। तूफान आने से पहले ही संबंधित देश की ओर से उसका नामकरण कर दिया जाता है। हाल के दिनों में ‘ताउते’ नाम म्यांमार ने दिया था। उसके बाद ओमान ने अगले तूफान को ‘यास’ नाम दिया था। इस बार के चक्रवात को पाकिस्तान ने गुलाब नाम दिया है। वैसे वास्तविक नाम गुल-आब है। अगली बारी कतर की है। कतर ने अगले तूफान का नाम ‘शाहीन’ तय किया है।


