पंजाब में सत्ता की लड़ाई से बनी सियासी अस्थिरता : केजरीवाल, मुख्यमंत्री चन्नी को दी चुनौती

चंडीगढ़ : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में चल रही सत्ता की लड़ाई से पैदा हुई राजनीतिक अस्थिरता दुर्भाग्यपूर्ण है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि वह अपनी समस्याएं लेकर किसे मिलें। दो दिन के पंजाब दौरे पर आए केजरीवाल मोहाली एयरपोर्ट पर मीडिया से बात कर रहे थे।

इसके बाद उन्होंने लुधियाना में उद्योगपतियों के साथ मुलाकात कर चुनाव घोषणा पत्र के लिए सुझाव मांगे। केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस पर राज्य सरकार को तमाशा बनाने आरोप लगाए और दावा किया कि पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव में आप जीत दर्ज कर स्थिर और ईमानदार सरकार देगी।

वहीं, चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई देते हुए कैप्टन सरकार की ओर से लोगों के साथ किए वादे पूरे करने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि अगर चन्नी ऐसा नहीं कर सकते हैं तो यह कह दें कि कैप्टन ने झूठे वादे किए थे और वह इन्हें नहीं मानते। केजरीवाल ने कहा कि चन्नी सरकार लोगों की पांच मुख्य मांगों पर तुरंत कार्रवाई करे।

दागी मंत्रियों व अधिकारियों को हटाकर उन पर केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। बरगाड़ी कांड के दोषियों को सजा दिलाई जाए। मुख्यमंत्री चन्नी अगर कुंवर विजय प्रताप सिंह की रिपोर्ट पढ़ेंगे तो उसमें आरोपितों के नाम लिखे हैं, उन्हें 24 घंटे में गिरफ्तार किया जा सकता है। केजरीवाल ने कहा कि कैप्टन ने युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था।

बेरोजगार युवाओं को एक सप्ताह के भीतर पिछले साढ़े चार साल के बकाये सहित बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। किसानों का सारा कर्ज माफ किया जाए। केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस कह चुकी है कि निजी कंपनियों से साथ हुए बिजली खरीद समझौते रद हो सकते हैं। चन्नी सरकार के पास चार महीने का समय है और बिजली समझौते रद किए जाएं।

इस दौरान सांसद भगवंत मान, मामलों के प्रभारी जरनैल सिंह, सह-प्रभारी राघव चड्ढा, नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा भी मौजूद थे। पांच सूत्रीय फार्मूला लुधियाना में उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ मुलाकात करके केजरीवाल ने चुनाव घोषणा पत्र के लिए सुझाव मांगे। इस दौरान उन्होंने पांच सूत्रीय फार्मूला भी दिया। –

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