चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मुलाकात को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह व अमित शाह की मुलाकात की तस्वीर शेयर कर बशीर बद्र का शेर लिखा, ‘कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, यूं ही कोई बेवफा नहीं होता।’
सुनील जाखड़ के ट्वीट को लेकर राजनीतिक गलियारे में कई मतलब निकाले जा रहे हैं। कुछ नेता जाखड़ के इस ट्वीट को कैप्टन के समर्थन में देख रहे हैं तो कुछ इसे हाईकमान पर जाखड़ का हमला बता रहे हैं। काबिलेगौर है कि जाखड़ को हटाकर ही नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।
इसके बाद जब कैप्टन ने मुख्यमंत्री पद छोड़ा तो सुनील जाखड़ का नाम मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे था। विधायक दल की बैठक में 40 विधायक उनके समर्थन में थे, लेकिन हाईकमान ने चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बना दिया। इससे पहले गुरुवार को नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी के बीच होने वाली बैठक से पहले भी एक ट्वीट करके जाखड़ ने सिद्धू पर तीखा हमला किया।
सिद्धू ने चन्नी के साथ बैठक से पहले डीजीपी की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि डीजीपी इकबालप्रीत सिंह सहोता बादल सरकार के समय हुई बेअदबी की घटना की जांच के लिए गठित एसआइटी के प्रमुख थे। उन्होंने दो सिख युवकों को गलत ढंग से फंसाया और बादलों को क्लीनचिट दी थी।
उस समय मैं कांग्रेस मंत्रियों और वर्तमान गृह मंत्री के साथ वहां गया था। उन लोगों (फंसाए गए युवकों) के समर्थन में लड़ाई का भरोसा दिलाया था। जाखड़ ने इसके जवाब में ट्वीट कर लिखा कि ‘अब बहुत हो गया। मुख्यमंत्री की अथारिटी को बार-बार कमजोर करने की कोशिशों पर विराम लगाएं।
एजी व डीजीपी के चयन पर आरोप लगाना वास्तव में मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की इमानदारी व क्षमता पर सवाल उठाना है। यह समय थोड़ा पीछे हटने का है, ताकि चीजें स्पष्ट हों।’ इससे पहले भी जाखड़ ने सिद्धू के इस्तीफे पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह क्रिकेट का खेल नहीं है।


