धनबाद : कोल इंडिया व सिग्रेनीज कोल कंपनी में कार्यरत करीब 2.80 लाख कोयला कर्मियों को इस साल 72,500 रुपये बोनस (परफार्मेंस लिंक रिवार्ड) मिलेगा। सोमवार को नई दिल्ली के स्कोप भवन में साढ़े सात घंटे चली दो दौर की बैठक में प्रबंधन और यूनियन के बीच इस पर सहमति बनी। बोनस की राशि 11 अक्टूबर तक कोयला कर्मियों के खाते में राशि चली जाएगी।
कोल इंडिया पर बोनस मद में 1815 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) बोनस के तौर पर अपने 39 हजार कर्मचारियों को 300 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी।
पिछले साल कोयला कर्मियों को 68,500 रुपये बोनस मिला था। इस बार इससे अधिक बोनस मिले, इसको लेकर श्रमिक संगठन एटक, एचएमएस, बीएमएस और सीटू के प्रतिनिधियों ने दबाव बनाया। बोनस को लेकर प्रबंधन के साथ बैठक दोपहर दो बजे शुरू हुई।
कोल इंडिया प्रबंधन ने कंपनी की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ घटते मुनाफे का जिक्र किया। वहीं यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि कोयला कर्मियों ने कोरोना काल में भी कड़ी मेहनत की है। इसलिए प्रबंधन एक लाख रुपये बोनस की घोषणा करे। प्रबंधन ने पहले 65 हजार रुपये बोनस देने की बात कही।
वहीं यूनियनों ने इसके खिलाफ में तर्क दिया। आखिरकार 72,5000 रुपये पर सहमति बनी। 72,500 रुपये बोनस पर सहमति बनी है। 11 सितंबर तक कोयला कर्मियों के खाते में राशि चली जाएगी। कोल इंडिया बोनस के मद में करीब 1815 करोड़ का भुगतान करेगी। -सिमरण दत्ता, डीएफ, कोल इंडिया


