नई दिल्ली : आतंकवाद का सबसे बड़ा अपराधी और समर्थक होते हुए भी पाकिस्तान खुद को इसका शिकार होने का स्वांग भी भरता है। उसे अपने यहां हिंदुओं, ईसाइयों, सिखों और बौद्धों जैसे अल्पसंख्यकों को मिटाने की कार्रवाई बंद करनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र में फिर से कश्मीर मुद्दा उठाने पर भारत ने पाकिस्तान की कठोर शब्दों में आलोचना की है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर व कानूनी सलाहकार डा. काजल भट्ट ने इस बात पर जोर दिया कि सभी मोर्चों पर आतंकवाद को रेखांकित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी सदस्य देश अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक उपकरणों और सम्मेलनों में निहित अपनी प्रतिबद्धता का अनिवार्य रूप से निर्वाह करें। काजल भट्ट ने ‘अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के उन्मूलन के उपाय’ पर महासभा की छठी समिति (कानून) में कहा, ‘मैं इस बात पर अपनी निराशा व्यक्त करना चाहूंगी कि पाकिस्तान ने अपने झूठ को दोहराने के लिए एक बार फिर इस मंच का दुरुपयोग किया है।’
बुधवार को उन्होंने कहा, ‘यहां आतंकवाद का एक बड़ा जनक और समर्थक खुद के पीड़ित होने का स्वांग भर रहा है। हम जहां कहीं भी भारत के नाम का उल्लेख किया गया है उनके जवाब की निंदा करते हैं और उनके हर आरोप को खारिज करते हैं।’ पाकिस्तान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत मुनीर अकरम द्वारा छठी समिति की बैठक में फिर से कश्मीर मुद्दा उठाए जाने के बाद भारत ने कठोर शब्दों में जवाब दिया है। अकरम ने अपनी टिप्पणी में भारत के खिलाफ निराधार आरोप लगाए हैं। काजल भट्ट ने कहा, ‘जम्मू एवं कश्मीर भारत का हिस्सा है और हमेशा बना रहेगा।’


