नई दिल्ली : भारत ने गुरुवार को कहा कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के गुरुद्वारे में तोड़फोड़ ने न सिर्फ उसकी बल्कि पूरी दुनिया की चिंता बढ़ाई है। जरूरत इस बात की है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के मुताबिक अफगान समाज के विभिन्न वर्गों के अधिकारों की रक्षा करने पर जोर दे। रिपोर्टों के मुताबिक, संदिग्ध तालिबान आतंकियों ने दो दिन पहले काबुल में गुरुद्वारा करते परवान में तोड़फोड़ की थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने अपनी नियमित मीडिया ब्रीफिंग में यह बात कही। उन्होंने कहा कि 30 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में स्वीकृत इस प्रस्ताव में अफगानिस्तान के प्रति विश्व समुदाय का सामूहिक दृष्टिकोण परिलक्षित होता है।
इसमें मांग की गई है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नहीं होना चाहिए, साथ ही महिलाओं और अल्पसंख्यकों समेत अफगान समाज के सभी वर्गों के अधिकार सुनिश्चित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि इसमें अफगानिस्तान से अफगानियों और सभी विदेशी नागरिकों को सुरक्षित जाने देने की बात भी कही गई है।
उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि राजनीतिक बातचीत के जरिये समावेशी राजनीतिक समाधान निकले। बागची ने अफगानिस्तान से जुड़े मुद्दे पर अमेरिका की उप-विदेश मंत्री वेंडी शेरमन से बातचीत के बारे में मंगलवार को हुई चर्चा का जिक्र किया और कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि वहां से आतंकवाद का प्रसार नहीं हो।


