कोरोना के इलाज में निजी अस्पतालों में ज्यादा वसूली पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, अतिरिक्त रकम वापस लौटाने की मांग
postpone neet 2021

नई दिल्ली : कोरोना के इलाज में निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों से तय सीमा से ज्यादा पैसे लिए जाने और वसूली गई ज्यादा रकम मरीजों को वापस किए जाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। कोरोना मरीजों से वसूली गई ज्यादा रकम वापस करने की मांग वाली जनहित याचिका विचारार्थ स्वीकार करते हुए कोर्ट ने कहा कि याचिका में उठाया गया मुद्दा बड़े स्तर पर समाज, कोरोना मरीजों और उनके परिजनों से जुड़ा है जिनसे इलाज के समय ज्यादा पैसे लिए गए।

मुद्दा महत्वपूर्ण है और इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और बीवी नागरत्ना की पीठ ने देहरादून के रहने वाले अभिनव थापर की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान गत आठ अक्टूबर को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने केंद्र सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

याचिका में निजी अस्पतालों द्वारा सरकारी दरों से ज्यादा वसूली गई रकम वापस दिलाए जाने की मांग के साथ ही कहा गया है कि सरकार को आदेश दिया जाए कि वह एक कमेटी बनाए जो निजी अस्पतालों द्वारा कोरोना मरीजों और उनके परिजनों से वसूली गई ज्यादा रकम और बिलों की स्क्रुटनी और आडिट करे।

याचिकाकर्ता के वकील दीपक शर्मा और कृष्ण बल्लभ ठाकुर का कहना था कि कोरोना फैलने के बाद केंद्र ने डाक्टर वीके पाल कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर 9 जून 2020 को कोरोना के इलाज की गाइडलाइन जारी की थीं जिसमें अस्पताल मे भर्ती होने के दौरान अस्पतालों द्वारा लिया जाने वाला खर्च तय कर दिया गया था।

गाइड लाइन में आइसोलेशन बेड पर रहने वाले मरीज की दवाइयों और पीपीई किट के साथ आठ से 10 हजार प्रतिदिन, बिना वेंटीलेटर के आइसीयू बेड के लिए 13 हजार से 15 हजार और वेंटीलेटर के साथ आइसीयू बेड के 15 हजार से 18 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से सीमा तय की गई थी। केंद्र सरकार द्वारा अस्पताल में भर्ती मरीज के इलाज पर खर्च की सीमा तय किए जाने के बाद विभिन्न राज्यों जैसे दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, केरल, महाराष्ट्र आदि ने भी इलाज खर्च की सीमा तय कर दी थी। सरकार द्वारा सीमा तय किए जाने के बावजूद निजी अस्पतालों ने कोरोना मरीजों से तय सीमा सीमा से ज्यादा रकम वसूली।

उन्होंने कहा कि 19 जून 2020 के बाद निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों से इलाज के खर्च की तय सीमा से ज्यादा लिए गए पैसे वापस दिलाए जाएं। याचिका में कहा गया है कि कई राज्यों को अस्पतालों के ज्यादा पैसे लेने की शिकायतें मिलीं और कुछ जगह पैसे वापस करने के भी आदेश हुए लेकिन पूरे देश में मरीजों से ज्यादा पैसे वसूले गए। ऐसे में सभी को पैसा वापस मिलना चाहिए

Share this with Your friends :

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter