नई दिल्ली, एएनआइ : पेगासस साफ्टवेयर के जरिये सुप्रीम कोर्ट के जज और कुछ अधिकारियों की कथित निगरानी के लिए इजरायल के एनएसओ समूह के निदेशकों के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने के लिए सहमति देने से भारत के अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने इन्कार कर दिया है।
अटार्नी जनरल की प्रतिक्रिया तमिलनाडु के सांसद डा. टी थिरुमावलवन द्वारा लिखे गए एक पत्र पर आई, जिन्होंने पेगासस में कथित संलिप्तता के लिए गृह सचिव अजय भल्ला के साथ-साथ पूर्व गृह सचिव राजीव गौबा के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने के लिए सहमति मांगी थी।
बताया जाता है कि पेगासस के जरिये कथित तौर पर जस्टिस अरुण मिश्रा से जुड़े एक पुराने मोबाइल नंबर, जब वे पद पर थे, सुप्रीम कोर्ट के दो रजिस्ट्री अधिकारियों और भारत के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों लगाने वाली महिला कर्मी की निगरानी की गई। वेणुगोपाल ने कहा कि पेगासस का मुद्दा वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है।
थिरुमावलवन को दिए गए जवाब में अटार्नी जनरल ने कहा कि यह सवाल कि क्या भारत सरकार ने पेगासस साफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है और यदि हां, तो किसके खिलाफ, मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है। इस मामले का जब तक निस्तारण नहीं हो जाता मेरे लिए कार्यवाही शुरू करने की सहमति देना मेरे लिए अनुचित होगा


