सर्पदंश की शिकार महिला की चिकित्सकाें की सूझबूझ से बची जान, समय रहते उपचार मिलने से हुआ लाभ

Datia News : दतिया। जिला अस्पताल में एक ऐसी महिला मरीज उपचार के लिए पहुंची, जिसे खुद ही नहीं पता था कि उसे सांप ने डसा है। इस दौरान महिला की गंभीर हालत को देखकर वहां मौजूद चिकित्सकों ने पूरी सूझबूझ से काम लेते हुए उसकी जान बचा ली। महिला की हालत पहले से बेहतर बताई जाती है। उसका उपचार अभी जारी है।

जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में एक ऐसी महिला मरीज गंभीर हालत में पहुंची जिसे यह पता नहीं था कि उसे सांप ने डसा है। 18 जुलाई को सहायक प्राध्यापक मेडिसिन विभाग डा.आशीष शर्मा अपनी यूनिट 3 के मरीजों का राउंड ले रहे थे।

इस दौरान उनाव रोड निवासी 50 वर्षीय एक महिला जिसकी आवाज में लड़खड़ाहट, आंखों की पलकों का भारी होना और सीधे पैर में दर्द और सूजन थी। उसका उन्होंने परीक्षण किया तो उसमें न्यूरोटोक्सिक सांप के काटने के लक्षण पाए गए। हालांकि महिला मरीज को इस बात का पता नहीं था कि उसको सांप ने डसा है।

उन्होंने तुरंत विभागाध्यक्ष डा.हेमंत जैन की सहमति से मरीज की जान बचाने के लिए एंटी-स्नेक वेनम लगाया। एक घंटे में ही मरीज की आवाज और पलकें सामान्य हो गई। मरीज की स्थिति पहले से बेहतर बताई जाती है। उसके पैर की सूजन और दर्द का इलाज जारी है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए मेडीकल कॉलेज के जनसम्पर्क अधिकारी एवं सहअधीक्षक डा.हेमंत जैन ने बताया कि ज्यादातर लोग सर्पदंश का शिकार होकर अंधविश्वास में पड़ जाते हैं। ऐसे में उनकी जान को खतरा पैदा हो जाता है। इसलिए सर्पदंश की िस्थति में मरीज को इलाज के लिए सीधे अस्पताल लेकर आएं। ताकि उसकी जान बचाई जा सके। डा.हेमंत जैन ने कहाकि इस मामले में लोगों को जागरुकता दिखानी चाहिए।

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