पंजाब पुलिस की तरफ से त्योहारों के सीजन से पहले नार्को-आतंकवाद माड्यूल का पर्दाफाश : टिफिन बम, हेरोइन समेत संचालक गिरफ़्तार !

चंडीगढ़/ अमृतसर : मुख्यमंत्री भगवंत मान के दिशा-निर्देशों पर त्योहारों के सीजन से पहले पंजाब पुलिस ने समाज विरोधी तत्वों को चौकसी को और तेज करने से अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने आई. एस. आई. आधारित नार्को- आतंकवाद माड्यूल का पर्दाफाश करके इसके मुख्य संचालक को हथियारों और विस्फोटक सामग्री समेत गिरफ़्तार कर लिया है। यह जानकारी आज यहाँ डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब, गौरव यादव ने दी।

यह माड्यूल कैनेडा आधारित लखबीर सिंह उर्फ लंडा, पाकिस्तान आधारित हरविन्दर सिंह रिन्दा और इटली आधारित हरप्रीत सिंह उर्फ हैपी की तरफ से सांझा तौर पर चलाया जा रहा है। गिरफ़्तार किये मुलजिम की पहचान तरन तारन के गाँव राजोके निवासी योगराज सिंह उर्फ योग के तौर पर हुई है। इसके अलावा पुलिस ने माड्यूल के पाँच अन्य संचालकों की भी शिनाखत की है, जो पंजाब और आसपास के राज्यों में ग़ैर-कानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए माड्यूल के साथ जुड़े हुए हैं।

पुलिस ने मुलजिम के पास से एक आरडीएक्स लोड टिफिन बॉक्स, जिसको इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) या टिफिन बम बनाया गया था; दो आधुनिक ए. के. – 56 असाल्ट राईफलों समेत दो मैगज़ीनें और 30 जिंदा कारतूस; एक .30 बोर का पिस्तौल समेत 6 जिंदा कारतूस; और 2 किलो हेरोइन बरामद की।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि गिरफ़्तार मुलजिम योगराज इस माड्यूल का मुख्य संचालक है और वह राज्य पुलिस और केंद्रीय इनफोरसमैंट एजेंसियों को सितम्बर 2019 में तरन तारन में पाँच एके- 47 असाल्ट राईफलें ज़ब्त करने के मामले समेत कम से कम पाँच आपराधिक मामलों में वांछित था।

उन्होंने आगे कहा कि प्राथमिक जांच से पता लगा है कि हथियारों- विस्फोटक सामग्री- नशों की तस्करी सम्बन्धी सरहद के पार की कार्यवाहियों आतंकवादी/ गैंगस्टर लंडा, रिन्दा और हैपी और जेल में बंद समगलर गुरपवितर उर्फ साईं निवासी लखना, तरन तारन के निर्देशों पर योगराज की तरफ से जाती थीं। उन्होंने आगे बताया कि योगराज बड़े स्तर पर हथियारों और नशीले पदार्थों की रिकवरी और आगे डिलीवरी के लिए सक्रिय था।

सीनियर पुलिस कप्तान (एस. एस. पी.) अमृतसर ग्रामीण स्वप्न शर्मा ने बताया कि पुलिस ने लंडा- रिंडा आतंकवादी माड्यूल के सदस्यों का पर्दाफाश करने के लिए बड़ी कार्यवाही की है। पुलिस ने मौजूदा माड्यूल के पाँच संचालकों की पहचान करने में कामयाबी हासिल की है और उनको पकडऩे के लिए छापेमारी शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले की आगे जांच जारी है और जल्दी ही अन्य हथियारों और विस्फोटकों की बरामदगी होने की संभावना है।

जि़क्रयोग्य है कि एफ. आई. आर. नम्बर 107 तारीख़ 04/ 10/ 2022 को एन. डी. पी. एस. एक्ट की धारा 21/ 27- ए/ 29/ 61/ 85 और हथियार एक्ट की धारा 25/ 54/ 59 के अंतर्गत थाना रामदास, अमृतसर ग्रामीण में दर्ज की गई है।

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