पहला इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भारतीय नौसेना की भागीदारी , प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नौसेना के जहाजों के साथ इस इंटरनेशनल फ्लीट की समीक्षा

नई दिल्ली  : पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल बिस्वजीत दासगुप्ता के नेतृत्व में भारतीय नौसेना के प्रतिनिधिमंडल एवं भारतीय नौसेना के तीन युद्धपोतों ने 07 दिसंबर 2022 को कॉक्स बाजार में बांग्लादेश द्वारा आयोजित पहले इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (आईएफआर) में भाग लिया।

पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ बांग्लादेश की माननीय प्रधानमंत्री महामहिम शेख हसीना ने बांग्लादेश नौसेना के जहाजों और छह अन्य देशों के आठ जहाजों वाले इंटरनेशनल फ्लीट की समीक्षा की। तीन जहाजों के साथ भारतीय नौसेना का दल इस आईएफआर में भाग लेने वाली विदेशी नौसेनाओं में सबसे बड़ा था। भाग लेने वाले अन्य पांच  जहाज चीन, मलेशिया, म्यांमार, थाईलैंड एवं संयुक्त राज्य अमेरिका से थे।

भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व करने वाले तीन जहाज, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर आईएनएस कोच्चि, एंटी-सबमरीन वारफेयर कार्वेट आईएनएस कवारत्ती और अपतटीय गश्ती पोत सुमेधा सभी स्वदेश में डिजाइन और निर्मित युद्धपोत हैं। बांग्लादेश में इस बहुराष्ट्रीय कार्यक्रम में इन जहाजों की उपस्थिति ने भारतीय शिपयार्डों की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमताओं को प्रदर्शित करने में योगदान दिया।

आईएफआर के मौके पर वाइस एडमिरल बी दासगुप्ता ने बांग्लादेश नौसेना के नौसेना प्रमुख एडमिरल एम शाहीन इकबाल से मुलाकात की। उन्होंने ईरान, मालदीव, म्यांमार, रिपब्लिक ऑफ कोरिया और यूएसए के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की।

यह बांग्लादेश द्वारा आयोजित किया जाने वाला पहला इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू था। आईएफआर बांग्लादेश की मुक्ति के 50 साल पूरे होने के जश्न और ‘स्वर्णिम विजय वर्ष’ के साथ-साथ हर साल 06 दिसंबर को मनाए जाने वाले ‘मैत्री दिवस’ का पूरक है जो भारत और बांग्लादेश के बीच औपचारिक राजनयिक संबंधों की स्थापना का प्रतीक है।

इस तरह बांग्लादेश द्वारा आयोजित पहले आईएफआर में भारतीय नौसेना की उपस्थिति भारत और बांग्लादेश के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और समुद्री क्षेत्र में रक्षा सहयोग को मजबूत करने में भारतीय नौसेना की भूमिका की पुष्टि होती है।

Share this with Your friends :

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter