नई दिल्ली : भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले से तिरंगा फहराया इस के साथ ही उन्होंने अपने संबोधन में परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण इन तीन बुराइयों को खत्म करने का संकल्प लिया.
PM ने देश की जनता को कहा परिवारजन : प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुवात कुछ नए तरीके से की जहा उन्होंने बोला की मेरे 140 करोड़ परिवारजन, दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और अब बहुत लोगों का अभिप्राय है ये जनसंख्या की दृष्टि से भी हम विश्व में नंबर एक पर हैं। मैं देश के कोटि-कोटि जनों को, देश और दुनिया में भारत को प्यार करने वाले, भारत का सम्मान करने वाले, भारत का गौरव करने वाले कोटि-कोटि जनों को आजादी के इस महान पवित्र पर्व की अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।
देश में हुआ एक नया जियो पॉलिटिकल इक्वेशन : PM मोदी ने कहा की मैं साफ-साफ देख रहा हूं कि कोरोना के बाद एक नया विश्व ऑर्डर, एक नया ग्लोबल ऑर्डर, एक नया जियो पॉलिटिकल इक्वेशन बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। जियो पॉलिटिकल इक्वेशन की सारी व्याख्याएं बदल रही है, परिभाषाएं बदल रही है।
हेलीकाप्टर से हुई पुष्प बर्षा : लालकिले पर आयोजित 77वें आज़ादी के इस अमृत महोत्सव में तमाम अतिथिगड की उपस्थिति के बेच स्थल पर हेलीकाप्टर से पुष्प बर्षा का नज़ारा भी देखने को इस दृश्य को देख हर भारतीय अपने आप को गौरवान्वित मेहसूस कर रहा था.
भारत मणिपुर के लोगों के साथ है : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा कि भारत मणिपुर के लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि वहां की समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मणिपुर में अशांति और हिंसा का दौर आया है और महिलाओं की गरिमा पर हमले के समाचार मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मणिपुर के लोग पिछले कुछ समय से शांति बनाए हुए हैं और उन्होंने शांति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा, “राज्य और केंद्र सरकार उन समस्याओं को हल करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं और आगे भी जारी रखेगी।”
जन औषधि केंद्रों ने 20,000 करोड़ रुपये की बचत करके देश को दी नई ताकत : स्वतंत्रता दिवस समारोह के हिस्से के रूप में, देश भर से 50 नर्सों को उनके परिवार के सदस्यों के साथ लाल किले की प्राचीर से समारोह में भाग लेने और देखने के लिए विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। इन विशेष अतिथियों में सरपंचों, शिक्षकों, किसानों और मछुआरों से लेकर जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के 1800 विशेष अतिथि शामिल थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश का भाग्य बदलने के प्रयासों के लिए नर्सों, डॉक्टरों और अन्य लोगों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोविड ने हमें सिखाया है कि मानव केंद्रित दृष्टिकोण के बिना दुनिया का विकास संभव नहीं है।
इस अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए, उन्होंने 200 करोड़ से अधिक कोविड टीकाकरण की उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त करने में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, विशेष रूप से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं के समर्पण और लगातार प्रयासों के लिए उनके अनुकरणीय योगदान की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा, “कोविड के दौरान और उसके बाद भारत ने जो दुनिया की मदद की, उसने भारत को दुनिया के लिए एक मित्र के रूप में स्थापित किया है।”
एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य और एक भविष्य के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “जन औषधि केंद्रों ने 20,000 करोड़ रुपये की बचत करके देश के मध्यम वर्ग को नई ताकत दी है। उन्होंने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि देश आने वाले दिनों में जन औषधि केंद्रों की मौजूदा संख्या 10000 से बढ़ाकर 25,000 केंद्र करने के लक्ष्य की दिशा में काम करने जा रहा है।


