आत्मनिर्भरता की पहचान : कोयला उत्पादन बढ़ा, 78.65 मिलियन टन के पार

नई दिल्ली  : कोयला मंत्रालय ने अक्टूबर 2023 के दौरान कुल कोयला उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की, जो 78.65 मिलियन टन (एमटी) तक पहुंच गया। यह पिछले वर्ष के इसी महीने के 66.32 मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर गया, जिसमें 18.59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का उत्पादन पिछले वर्ष अक्टूबर 2022 के 52.94 मीट्रिक टन की तुलना में इस वर्ष अक्‍टूबर में 15.36 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 61.07 मीट्रिक टन हो गया है।

संचयी कोयला उत्पादन (अक्टूबर 2023 तक) 13.05 प्रतिशत की वृद्धि हासिल कर वित्त वर्ष 23-24 में 507.02 मीट्रिक टन तक उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जबकि वित्त वर्ष 22-23 की समान अवधि के दौरान यह 448.49 मीट्रिक टन थी।

इसके अतिरिक्त, अक्टूबर 2023 में कोयला प्रेषण में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जो प्रभावशाली 79.30 मीट्रिक टन तक पहुंच गया। यह अक्टूबर 2022 में दर्ज 67.13 मीट्रिक टन की तुलना में 18.14 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ उल्‍लेनीय प्रगति दर्शाता है। कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के प्रेषण में उल्लेखनीय प्रदर्शन दर्शाता है।  यह अक्टूबर 2023 में 61.65 मीट्रिक टन तक पहुंच गया, जबकि अक्टूबर 2022 में यह 53.69 मीट्रिक टन था, जो 14.83 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वित्त वर्ष 23-24 में संचयी कोयला प्रेषण (अक्टूबर 2023 तक) 11.98 प्रतिशत की वृद्धि के साथ महत्वपूर्ण उछाल के साथ 541.73 मीट्रिक टन हो गया, जबकि वित्त वर्ष 22-23 की इसी अवधि के दौरान यह 483.78 मीट्रिक टन था।

कोयला उत्पादन और प्रेषण दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि देश की बढ़ती ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर बल देती है, जो आगामी ऊर्जा मांगों को पूरा करने के हमारे दृढ़ संकल्प को मजबूत करती है। कोयला मंत्रालय, निरंतर कोयला उत्पादन और वितरण सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ है, जिससे देश के चल रहे विकास को बढ़ावा देने वाली भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति हासिल की जा सके।

Share this with Your friends :

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter