ग्वालियर. अचानक मौसम का मिजाज (मौसम पूर्वानुमान) बदलने के बाद लोग अब ऊनी कपड़ो में निकलने लगे हैं। उत्तरी मध्य प्रदेश के दोनों संभाग के ग्वालियर और चंबल में कड़ाके की ठंड की दस्तक (मौसम अपडेट) शुरू हो गया है। जगह जगह अलाव जलने लगे हैं। अगर ग्वालियर शहर की बात करें तो शनिवार को न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री रहा है। जो सामान्य से 1.3 डिसे कम था। मौसम में लगातार दो दिन से तापमान कम होता रहा है। जिससे लोगों को ठंड (शीत लहर) का अहसास होने लगा है। इसके साथ ही पूरे अंचल में सुबह कोहरा की चादर (फॉग) भी दिखाई देने लगी है।
48 घंटे बाद फिर बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक साथ तीन प्रणाली बनने की बजह से प्रदेश में बारिश (वर्षा) हो सकती है। एक सिस्टम अरब सागर के मध्य में बना है जहां कम दवाब का क्षेत्र बनने से बदलाव हुआ है। दूसरा सिस्टम रेज में बना है जहां ऊपरी हवा का चक्रवात बन गया है। तीसरा सिस्टम जम्मू-कश्मीर पर बनने के कारण हवाओं का रुख दक्षिण और दक्षिण-पश्चिमी हो गया है। प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र सहित कई क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी है। 22 नवंबर से बारिश की संभावना जताई जा रही है।
बर्फबारी का असर
भोपाल से मौसम विज्ञानी एके शुक्ला ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास पहुंच गया है, वहीं एक कम दबाव का क्षेत्र अरब सागर में बनेगा, जिसकी गहराने की संभावना है। मध्य प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में 3 दिन बाद फिर तेजिंग का दौर शुरू होगा। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि उत्तर भारत में पश्चिमी डिस्टरबेंस के कारण हुई बर्फबारी का असर 21 नवंबर से पड़ने के आसार हैं। इसके कारण भोपाल सहित मालवा, निमाड़, महाकौशल, विंध्य, बुंदेलखंड, ग्वालियर-चंबल क्षेत्रों के शहरों व कस्बों में रात के तापमान में 3 डिग्री तक गिरावट हो सकती है।



