असम के डिब्रूगढ़ में 100 बिस्तरों वाला योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अस्पताल बनेगा, पूर्वोत्तर भारत में इस प्रकार का यह पहला अस्पताल होगा

नई दिल्ली : अनुसंधान और विकास के साथ, सीआरआईवाईएन एनसीडी के प्रबंधन के लिए साक्ष्य आधारित प्रोटोकॉल विकसित करेगा जिसे पारंपरिक देखभाल के साथ एकीकृत किया जा सकता है। यह रोगी देखभाल के एकीकृत चिकित्सा दृष्टिकोण को मजबूत करेगा। अस्पताल जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और समृद्ध करने के लिए योग और प्राकृतिक चिकित्सा प्रोटोकॉल के साथ आंतरिक रोगी सेवाएं प्रदान करेगा।

असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा,“प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार एक के बाद एक केंद्रीय संस्थानों को जोड़कर जबरदस्त सहायता कर रही है, जिससे आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मजबूती मिल रही है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जैसे संस्थानों की शुरुआत, असम के हर जिले में चिकित्सा महाविद्यालय,

पूरे असम में नए आयुष अस्पतालों के साथ चिकित्सा की आयुष प्रणाली को मजबूत करना और कई अन्य प्रगतिशील कदमों ने राज्य में चिकित्सा बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है। प्राकृतिक चिकित्सा और योग आयुष के दो सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं जो न केवल आपकी बीमारियों का उपचार करते हैं बल्कि आपके मन और शरीर को हर चुनौती का सामना करने और स्वस्थ जीवन जीने के लिए पुनर्जीवित करते हैं। योग और प्राकृतिक चिकित्सा पर इस अस्पताल और अनुसंधान केंद्र की शुरुआत से, असम के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र के लोगों को इसके कई लाभों से बहुत अधिक लाभ होगा।”

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