दतिया । दतिया की जनता नेताओं की लड़ाई में पिस रही है। कांग्रेस नेता पैसा कमाने की जुगाड़ में रहते हैं और प्रशासनिक अधिकारी एवं सत्ताधारी, जनता को परेशान कर रहे हैं। दतिया के मामले में कुछ दिनों तक इसीलिए मैं और मेरे साथी शांत बैठे हैं कि जनता को भी पता चले कि उन्होंने जिनको चुना है उनकी कितनी दमखम है।
उनमें सरकार से लड़ने की हिम्मत है या फिर वह सिर्फ पैसा कमाने में मस्त रहना चाहते है। यह बात किसान एवं ओबीसी नेता दामोदर सिंह यादव ने शुक्रवार को पिछड़ा अधिकार यात्रा के दतिया पहुंचने पर आयोजित आमसभा को संबोधित करते हुए कही।
यह यात्रा यादव के नेतृत्व में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की 14 विधान सभाओं में भ्रमण करते हुए 2 फरवरी को दतिया किलाचौक पर विशाल सभा के रूप में संपन्न हुई। आमसभा को संबोधित करते हुए दामोदर यादव ने कहाकि पिछड़ा अधिकार यात्रा का पहला चरण भले ही संपन्न हो गया है, लेकिन यात्रा के सात चरण और निकाले जाएंगे।

यह यात्रा तब तक जारी रहेगी जब तक मप्र में जातिगत जनगणना कराने, ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण देने, लोकसभा एवं विधानसभाओं में सीटें आरक्षित कराने, किसानों की ऋण माफी तथा प्रमोशन में रिजर्वेशन आदि मांगे पूरी नहीं हो जाती। बाबा साहब, मुलायम सिंह, कांशीराम और सुखलाल कुशवाह जैसे सभी हमारे महापुरुषों ने जो सपना देखा था उसे हम पूरा करने लिए रात दिन एक कर देंगे।
मांगे पूरी न होने पर दिल्ली में देंगे धरना : दामोदर यादव ने कहाकि देश के प्रधान मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री दोनों ओबीसी वर्ग से आते हैं। लेकिन फिर भी पिछड़ावर्ग को अपने हक लेने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। इससे सिद्ध होता है कि सत्ताधारी पिछड़ों की परवाह नहीं करती सिर्फ वोट लेने के लिए चेहरों को आगे कर देती है। अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 28 फरवरी को भोपाल में घेराव करेंगे फिर दिल्ली जंतर मंतर पर धरना देंगे। सभा में रामकिशोर यादव, अंगद यादव, कमल कुशवाह, भाई कुरैशी, हुकुम सिंह कुशवाह, केशव यादव, राजकुमार यादव, अमित लोधी, अमोल रावत, रजनी यादव, रजनीश यादव, पन्ना, केदार कौरव, बलहादुर बघेल, अभिषेक जाटव, विक्रम दांगी, गुड्डन यादव आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।


