भारतीय तट रक्षक बल ने पाकिस्तानी नाव से 600 करोड़ रुपये मूल्य का 86 किलोग्राम नशीला पदार्थ पकड़ा,14 गिरफ्तार

नई दिल्ली : भारतीय तट रक्षक (आईसीजी) ने आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के सहयोग से 28 अप्रैल, 2024 को समुद्र में नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान 600 करोड़ रुपये मूल्य के 86 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए और सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध तरीके से पाकिस्तानी जहाज से चालक दल के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया।

एटीएस और एनसीबी अधिकारियों से लैस आईसीजी जहाज राजरतन ने पहचान से बचने की कोशिशों के बावजूद संदिग्ध नाव की पहचान कर ली। समवर्ती मिशनों पर जहाजों और विमानों के बेड़े से लैस राजरतन जहाज की त्वरित प्रतिक्रिया ने दवा से भरे जहाज को घेर लिया और भागने के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी।

जहाज की विशेषज्ञ टीम संदिग्ध जहाज पर चढ़ गई और गहन जांच के बाद बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की मौजूदगी की पुष्टि की। आगे की जांच और कानूनी कार्यवाही के लिए चालक दल और जहाज को फिलहाल पोरबंदर ले जाया जा रहा है।

आईसीजी और एटीएस के इस प्रकार मिलकर काम करने से पिछले तीन वर्षों में ग्यारह ऐसे सफल ऑपरेशन हुए हैं जो राष्ट्रीय उद्देश्यों के लिए तालमेल की जरूरत को दर्शाता है।

गोला बारूद की सुविधायुक्त टारपीडो सह मिसाइल बार्ज नौका एलएसएएम 20 (यार्ड 130) का जलावतरण : भारतीय नौसेना के लिए 11 एक्स एसीटीसीएम बार्ज परियोजना के तहत ठाणे स्थित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम आधारित शिपयार्ड, मेसर्स सूर्यदिप्त प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित छठी ‘गोला बारूद की सुविधायुक्त टारपीडो सह मिसाइल बार्ज नौका एलएसएएम 20 (यार्ड 130) का जलावतरण’ 29 अप्रैल, 2024 को मेसर्स सूर्यदीप्ता प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड (मैसर्स एसपीपीएल की लॉन्च साइट) में किया गया था। इस समारोह की अध्यक्षता मधुसूदन भुई, आईएनएएस, जीएम एनएडी (करंजा) ने की।

11 एक्स एसीटीसीएम बार्ज नौकाओं के निर्माण के लिए अनुबंध पर रक्षा मंत्रालय और मेसर्स सूर्यदीप्त प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, ठाणे के बीच 05 मार्च, 2021 को हस्ताक्षर किए गए थे। इन जहाजों की उपलब्धता से भारतीय नौसेना के जहाजों के लिए वस्तुओं के परिवहन, लदान और उतरने की सुविधा के साथ-साथ भीतरी एवं बाहरी बंदरगाह दोनों पर गोला-बारूद की परिचालन आवश्यकताओं को भी गति मिलेगी।

इन नौकाओं को भारतीय नौसेना के प्रासंगिक नियमों एवं भारतीय शिपिंग रजिस्टर के विनियमन के तहत स्वदेशी रूप से तैयार और निर्मित किया गया है। डिजाइन चरण के दौरान बार्ज नौका का मॉडल परीक्षण नौसेना विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला, विशाखापत्तनम में किया गया था। ये नौकाएं भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल के गौरवशाली ध्वजवाहक हैं।

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