Datia news : दतिया। युवक का अपहरण कर उसकी हत्या करने के मामले में आरोपित को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। मामला 2018 का है। जब कुछ लोग युवक जीतू कुशवाह को अगुवा कर ले गए थे। जिसके बाद उसका शव सिंध में पड़ा मिला था।
सात साल पुराने बहुचर्चित जीतू कुशवाहा हत्याकांड में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत ने मुख्य आरोपित हेमंत कुशवाहा को उम्रकैद और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया। जुर्माना न चुकाने पर छह महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने का आदेश भी दिया गया है।
इस मामले में शेष आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी नरेंद्र कुशवाहा अब भी फरार है। अतिरिक्त लोक अभियोजक अरुण कुमार लिटौरिया ने बताया यह वारदात चार जुलाई 2018 की रात की है।
फरियादिया गोमती कुशवाहा ने बताया कि रात करीब पौने एक बजे जब वह अपने घर में सो रही थीं, तभी घर के बाहर शोरगुल सुनाई दिया। बाहर निकलने पर उसने देखा कि बेटे जीतू कुशवाहा पर कुछ लोग हमला कर रहे हैं। उसके साथ लालता प्रसाद भी था।
हमलावरों में हेमंत कुशवाहा, राजू कुशवाहा, दशरथ, चंदू, नरेंद्र, अरविंद, गोविंद, लालाराम सहित कुल 11 लोग शामिल थे। इनमें से हेमंत और नरेंद्र कट्टा लिए थे। गोमती कुशवाहा ने बीच-बचाव की कोशिश की तो हमलावरों ने उाके साथ भी मारपीट की और जीतू को जबरन एक गाड़ी में डालकर ले गए।
परिवार ने उसे काफी तलाशा, लेकिन जब कुछ पता नहीं चला तो कोतवाली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। कुछ दिन बाद जीतू कुशवाहा का शव सिंध नदी में पड़ा मिला। अपहरण का मामला हत्या में बदल गया। पुलिस ने सभी आरोपिताें के खिलाफ अपहरण, हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में दर्ज गवाही और साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश राजेश भंडारी ने मुख्य आरोपित हेमंत कुशवाहा को जीतू की हत्या का दोषी माना और उक्त सजा सुनाई। इस मामले में एक आरोपित नरेंद्र कुशवाहा अभी तक फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।


