बैंक का चपरासी फोन पर देता था धमकी : पैसे दो भले ही चाहे मर जाओ…!, सुसाइड कांड में हुई एफआइआर

Datia News : दतिया। फर्जी लोन के मामले में बैंक का चपरासी ही फाेन कर मृतक नोटरी को धमकी देता था कि पैसे दो भले ही चाहे मर जाओ। इस तरह की धमकियों के बदले उसने 20 लाख रुपये भी वसूले थे। घटना से पहले भी बैंक के इसी चपरासी ने फोन कर दो लाख रुपये की डिमांड रखी थी। जिससे मानसिक तनाव में आकर आखिरकार नोटरी एडवोकेट ने फांसी लगाकर जान दे दी।

यह आरोप मृतक के स्वजन ने पुलिस में दर्ज कराई गई एफआइआर में लिखाए हैं। जिसके आधार पर प्रारंभिक पड़ताल के बाद आरोपित बैंक चपरासी के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।

भांडेर के हजारी मोहल्ला वार्ड 12 निवासी नोटरी एडवोकेट जाहिदुद्दीन सिद्दीकी ने गत माह 15 दिसंबर की सुबह घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

इस घटना के एक माह बाद मप्र ग्रामीण बैंक शाखा भांडेर पर पदस्थ आउटसोर्स चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लक्ष्मीनारायण यादव पुत्र सरजूप्रसाद के विरुद्ध भांडेर पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध किया है।

इस मामले में एसडीओपी भांडेर पूनमचंद्र यादव ने बताया कि आरोपित लक्ष्मीनारायण यादव की तलाश शुरू कर दी है। उसकी जैसे ही गिरफ्तारी होती है, इस मामले में और भी पूछताछ की जाएगी।

मृतक के पास मिला था सुसाइड नोट : पुलिस को एडवोकेट जाहिदुद्दीन सिद्दीकी की मौत के बाद दो पेज का सुसाइड नोट मौके से मिला था।

जिसमें मृतक ने मप्र ग्रामीण बैंक शाखा भांडेर पर पदस्थ आउटसोर्स चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लक्ष्मीनारायण यादव पर पशु केसीसी प्रकरणों में धोखे से गलत नोटरियां करवाकर उन पर रुपये वसूली का दबाव बनाने का आरोप लगाया था।

इसके अलावा मृतक ने एक नोट और छोड़ा था जो रुपयों के लेनदेन से संबंधित था तथा उसमें उनके द्वारा लक्ष्मीनारायण को 20 लाख रुपये देने की बात कही गई थी।

पुलिस ने निकलवाई सीडीआर : सुसाइड नोट में 24 नवंबर 2025 का विशेष उल्लेख है। इस दिन लक्ष्मीनारायण यादव ने अपने मोबाइल नंबर से मृतक जाहिदुद्दीन सिद्दीकी के मोबाइल नंबर पर काल कर उन्हें दो लाख रुपये और देने का दबाव बनाया था।

बताया जाता है कि इसके बाद मृतक सिद्दीकी मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे। लेकिन यह बात उन्होंने किसी के साथ साझा नहीं की।

पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर उक्त दोनों के मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकलवाई। जिसमें मृतक के दावे की पुष्टि होना पाया गया।

बता दें कि आरोपित लक्ष्मीनारायण यादव, एडवोकेट सिद्दीकी द्वारा 15 दिसंबर की सुबह आत्महत्या किए जाने के बाद से ही अपने कार्य स्थल मप्र ग्रामीण बैंक शाखा भांडेर पर उपस्थित नहीं हुआ है।

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