नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने किसानों को नकली और घटिया बीजों से राहत दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नए सीड एक्ट 2026 की प्रमुख विशेषताओं को सार्वजनिक किया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह नया कानून बीजों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और किसानों के हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
हर बीज की होगी पूरी ट्रेसिबिलिटी : कृषि मंत्री ने बताया कि नए सीड एक्ट के तहत बीज ट्रेसिबिलिटी सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके अंतर्गत हर बीज पैकेट पर QR कोड होगा, जिसे स्कैन कर किसान यह जान सकेंगे कि बीज कहां उत्पादित हुआ, किस कंपनी और किस डीलर के माध्यम से बाजार में आया।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से नकली या खराब बीज की पहचान तुरंत संभव होगी और जिम्मेदार व्यक्ति पर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।
घटिया बीज बेचने वालों पर कड़ी सजा का प्रस्ताव : नए कानून में बीजों की गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त प्रावधान किए गए हैं। मंत्री ने बताया कि जहां पहले अधिकतम जुर्माना केवल 500 रुपये तक सीमित था, वहीं अब 30 लाख रुपये तक जुर्माना और गंभीर मामलों में तीन साल तक की सजा का प्रावधान प्रस्तावित है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो कंपनियां या विक्रेता जानबूझकर किसानों को नुकसान पहुंचाएंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
बीज कंपनियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य : सीड एक्ट 2026 के तहत हर सीड कंपनी का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल अधिकृत कंपनियां ही बीज बेच सकें और बाजार में फर्जी या अनधिकृत विक्रेताओं पर रोक लगे।
पंजीकृत कंपनियों की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहेगी, जिससे किसानों को सही विकल्प चुनने में मदद मिलेगी।
परंपरागत बीज प्रणाली पर कोई रोक नहीं : कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि नया कानून किसानों की परंपरागत बीज प्रणाली को प्रभावित नहीं करेगा।
किसान अपने बीज बो सकेंगे, अन्य किसानों को बीज दे सकेंगे और स्थानीय स्तर पर प्रचलित बीज विनिमय की परंपरा यथावत बनी रहेगी। इस पर किसी प्रकार की कानूनी पाबंदी नहीं होगी।
सार्वजनिक, देसी और विदेशी बीजों के लिए अलग व्यवस्था
नए सीड एक्ट में तीनों स्तरों—सार्वजनिक क्षेत्र (ICAR, कृषि विश्वविद्यालय, KVK), देसी निजी कंपनियां और विदेशी बीजों—के लिए स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं।
विदेशी बीजों को देश में लाने से पहले उचित जांच और मूल्यांकन से गुजरना होगा, ताकि किसानों को सुरक्षित और उपयुक्त बीज ही उपलब्ध कराए जा सकें।
किसानों को जागरूक करने के लिए अभियान : किसानों में जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
देशभर के 731 कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) किसानों को बीज चयन, गुणवत्ता पहचान और शिकायत निवारण की जानकारी देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
1966 के पुराने कानून की जगह आधुनिक व्यवस्था
मंत्री ने बताया कि मौजूदा 1966 का सीड एक्ट वर्तमान तकनीकी और डेटा आधारित दौर के अनुरूप नहीं था।
सीड एक्ट 2026 को डिजिटल रिकॉर्ड, ट्रेसिबिलिटी और जवाबदेही के सिद्धांतों पर आधारित एक आधुनिक कानून के रूप में तैयार किया गया है।
राज्यों के अधिकार रहेंगे सुरक्षित : इस आशंका को खारिज करते हुए कि नया कानून राज्यों के अधिकार कम करेगा, कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि राज्य का विषय है और राज्यों के अधिकार यथावत बने रहेंगे। केंद्र सरकार राज्यों के सहयोग से इस कानून को लागू करेगी। लक्ष्य: हर किसान को गुणवत्तापूर्ण बीज कृषि मंत्री ने कहा कि सीड एक्ट 2026 का उद्देश्य हर किसान तक सुरक्षित, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बीज पहुंचाना है।


