भोपाल/उज्जैन : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन अब उमंग, उत्साह, जोश और आनंद की नगरी बन चुका है। यहां हर पल उत्सव, मेले और सांस्कृतिक आयोजनों से भरा रहता है। उज्जैन वास्तव में उत्सवों की राजधानी के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह उद्गार उज्जैन के कोठी रोड पर रविवार सुबह आयोजित राहगीरी आनंद उत्सव के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने शंखनाद कर सनातन परंपरा के अनुरूप देवताओं का आह्वान किया।
राहगीरी आनंद उत्सव में उमड़ा जनसैलाब : राहगीरी आनंद उत्सव में योग, पारंपरिक खेल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सुबह की सैर का आनंद लेने के लिए हजारों की संख्या में नागरिक पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान 70 से अधिक संस्थाओं ने विभिन्न मंचों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
किसानों को समर्पित रहा राहगीरी-2026 : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के समापन अवसर पर किसानों को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन होगा, जो भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहगीरी-2026 किसानों को समर्पित है और देश की उन्नति में किसानों की भूमिका सर्वोपरि है।
सशस्त्र बलों की सलामी और जनसंपर्क : कार्यक्रम के प्रारंभ में बीएसएफ, सीआरपीएफ और मध्यप्रदेश पुलिस के सशस्त्र जवानों ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री को सलामी दी। बैंड प्रस्तुति भी दी गई। यातायात पुलिस के मंच से मुख्यमंत्री ने हेलमेट पहनाकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया और बच्चों को उपहार वितरित किए।
बैलगाड़ी सवारी और सांस्कृतिक सहभागिता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के सम्मान में बैलगाड़ी की सवारी की और नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने सांस्कृतिक मंच से ‘गोविंद बोलो–हरि गोपाल बोलो’ भजन सुनाया। विभिन्न मंचों पर भगवा ध्वज लहराया, ड्रम बजाया और कुश्ती मंच पर गदा लहराकर पहलवान बच्चों का उत्साहवर्धन किया।


