नई दिल्ली : विश्व की सबसे बड़ी वार्षिक खाद्य एवं पेय व्यापार प्रदर्शनी गल्फूड 2026 में भारत ने कंट्री पार्टनर के रूप में अपनी अब तक की सबसे सशक्त और रणनीतिक उपस्थिति दर्ज कराई है। प्रदर्शकों की संख्या और कुल प्रदर्शनी क्षेत्रफल दोनों के लिहाज से गल्फूड 2026 में भारत की भागीदारी सभी देशों में सर्वाधिक रही, जिससे वैश्विक कृषि-खाद्य और प्रसंस्कृत खाद्य क्षेत्र में भारत के बढ़ते नेतृत्व को मजबूती मिली है।
भारतीय पवेलियन का भव्य उद्घाटन
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव श्री ए.पी. दास जोशी ने दुबई एक्सपो सिटी स्थित एपीईडीए पवेलियन में भारतीय पवेलियन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल, एपीईडीए अध्यक्ष श्री अभिषेक देव, आईटीपीओ के प्रबंध निदेशक डॉ. नीरज खरवाल सहित भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में भारतीय प्रदर्शक उपस्थित रहे।
600 से अधिक भारतीय कंपनियों की ऐतिहासिक भागीदारी
गल्फूड 2026 में भारत से 600 से अधिक कंपनियां मुख्य खाद्य पदार्थ, ताजे कृषि उत्पाद, प्रसंस्कृत खाद्य, पेय पदार्थ, कृषि प्रौद्योगिकी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रही हैं। कंट्री पार्टनर के रूप में भारत को विशेष ब्रांडिंग, समर्पित सम्मेलन सत्र और बेहतर B2B सहभागिता के अवसर प्रदान किए गए हैं।
जीआई-टैग चावल और भारतीय व्यंजन बने आकर्षण
एपीईडीए पवेलियन में स्थापित भारतीय पाक कला एवं फूड टेस्टिंग ज़ोन गल्फूड 2026 का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। प्रसिद्ध शेफ हरपाल सिंह सोखी द्वारा तैयार इस क्षेत्र में भारत के 10 जीआई-टैग चावल से बने पारंपरिक व्यंजन प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनमें काला नमक, जोहा, दुबराज, जीराफूल, अम्बेमोहर, गोविंद भोग, मुश्कबुजी, कटारनी, चक हाओ और बोका चौल शामिल हैं। इसके साथ ही अखिल भारतीय चावल निर्यातक संघ द्वारा विशेष बिरयानी भी प्रस्तुत की गई।


