इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: 35 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन, 100 से अधिक देशों की भागीदारी तय

नई दिल्ली : 16 से 20 फरवरी 2026 के बीच होने वाला इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े सबसे बड़े आयोजनों में शामिल होने की दिशा में बढ़ रहा है। आयोजन से पहले ही इसमें जबरदस्त अंतरराष्ट्रीय रुचि देखने को मिल रही है, जहां अब तक 35,000 से अधिक पंजीकरण दर्ज किए जा चुके हैं।

यह समिट जिम्मेदार, समावेशी और प्रभाव-आधारित एआई के व्यावहारिक उपयोग पर केंद्रित रहेगा। आयोजकों के अनुसार, इस बार चर्चा केवल नीतियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वास्तविक दुनिया में लागू किए जा सकने वाले समाधानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


100 से अधिक देशों की भागीदारी, वैश्विक नेतृत्व की मौजूदगी : समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इसमें 15 से 20 राष्ट्राध्यक्ष, विभिन्न देशों के 50 से अधिक मंत्री और भारतीय व वैश्विक कंपनियों के 40 से ज्यादा सीईओ भाग लेंगे।

इसके अलावा, वैश्विक एआई इकोसिस्टम से जुड़े करीब 500 प्रमुख विशेषज्ञ, जिनमें शोधकर्ता, इनोवेटर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर शामिल हैं, इस मंच पर अपनी भागीदारी दर्ज कराएंगे।


500 स्टार्टअप्स और 500 से ज्यादा सत्र : इस आयोजन की एक बड़ी खासियत इसका स्टार्टअप शोकेस होगा, जिसमें 500 से अधिक एआई स्टार्टअप्स अपने नवाचार प्रस्तुत करेंगे।

मुख्य सम्मेलन के साथ-साथ लगभग 500 सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिससे यह एआई विषय पर होने वाले सबसे व्यापक वैश्विक आयोजनों में से एक बन जाएगा।


प्री-समिट गतिविधियों में भी व्यापक भागीदारी  : समिट से पहले भी गतिविधियों का स्तर उल्लेखनीय रहा है। अब तक 1,300 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं और भारत समेत दुनिया के विभिन्न हिस्सों में 500 से ज्यादा प्री-समिट कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।

समिट फ्रेमवर्क के तहत सात प्रमुख कार्यक्रमों में कुल मिलाकर 3 लाख से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी दर्ज की गई है, जो इस पहल को लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रुचि को दर्शाता है।


वैश्विक एआई संवाद में भारत की भूमिका : ग्लोबल एआई समिट की प्रक्रिया समय के साथ विकसित हुई है। शुरुआती दौर में एआई जोखिमों पर केंद्रित चर्चाओं से आगे बढ़ते हुए अब यह नैतिकता, समावेशन और व्यावहारिक कार्यान्वयन तक पहुंच चुकी है।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 इस विकासक्रम में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है और वैश्विक एआई विमर्श में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।

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