Datia news : दतिया। दो परिवारों की गलती के कारण पूरे गांव में अफरा तफरी मच गई। जब बारात दुल्हन को विदा कराकर ले जा रही थी, तभी इस बात की खबर पुलिस और अधिकारियों को लगी तो उन्होंने अपने वाहन बारातियों के पीछे दौड़ा दिए। जिसके बाद नाबालिग वधू को टीम ने बरामद कर लिया। यह सब उनाव थाना क्षेत्र के ग्राम खटोला में बाल विवाह रोकने के कार्रवाई के दौरान हुआ।
बुधवार सुबह करीब 11 बजे जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय को गुप्त सूचना मिली कि ग्राम खटोला में एक नाबालिग बालिका का विवाह संपन्न हो चुका है और स्वजन विदाई की तैयारी में जुटे हैं।
मामले की गंभीरता को भांपते हुए कलेक्टर स्वप्निल वानखडे ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी किए। डीपीओ उपाध्याय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद दतिया विनीत त्रिपाठी व थाना उनाव की पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, जहां विदाई हो चुकी थी।
प्रशासनिक दल ने बिना विलंब विदाई के काफिले का पीछा किया और रास्ते में ही घेराबंदी कर लौटती बारात को रोक लिया। दस्तावेजों की जांच में बालिका नाबालिग साबित हुई, जिसके बाद उसे तत्काल रेस्क्यू कर थाना उनाव ले जाया गया।
हलवाई, टेंट और डीजे वाले पर एफआईआर : इस बार कार्रवाई का दायरा केवल स्वजन तक सीमित नहीं रहा। प्रशासन ने बाल विवाह में सहयोग करने वाले हर व्यक्ति को अपराधी माना है।
इसी के तहत विवाह में भोजन बनाने वाले हलवाई, पंडाल लगाने वाले टेंट संचालक, और डीजे मालिक के विरुद्ध भी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करवाई गई।
कलेक्टर बोले प्रमाण जरुरी जांचे : कलेक्टर ने जिले के सभी टेंट हाउस, हलवाई, डीजे संचालकों और पंडितों को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि कोई भी सेवा प्रदाता शादी की बुकिंग करने से पहले वर और वधू के आयु
संबंधी प्रमाण पत्र (अंकसूची या जन्मप्रमाण पत्र) अनिवार्य रूप से देखे। यदि किसी भी शादी में कोई नाबालिग पाया गया, तो सेवाएं देने वालों को भी जेल की हवा खानी होगी।


