भारत 6-जी में करेगा वैश्विक नेतृत्व : ज्योतिरादित्य सिंधिया, ग्रामीण भारत में वाई-फाई व ब्रॉडबैंड को मिलेगा विस्तार

नई दिल्ली : केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में प्रश्नों के उत्तर देते हुए भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और दूरसंचार क्षेत्र की प्रगति पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब केवल तकनीक अपनाने वाला देश नहीं रहा, बल्कि वैश्विक डिजिटल परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने बताया कि दूरसंचार सेवाएं अब केवल शहरी इलाकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव-गांव तक पहुंच रही हैं, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापार और आजीविका के नए अवसर बन रहे हैं।


5-जी नेटवर्क का तेज़ विस्तार : ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि भारत ने दुनिया में सबसे तेज़ गति से 5-जी नेटवर्क का विस्तार किया है। केवल 22 महीनों में देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में 5-जी सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं।

इस विस्तार के लिए दूरसंचार कंपनियों ने लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है और देशभर में 5 लाख से अधिक बेस ट्रांससीवर स्टेशन स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में करीब 40 करोड़ नागरिक 5-जी सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं।


2030 तक एक अरब लोगों तक 5-जी : केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश के लगभग एक अरब नागरिकों को 5-जी कनेक्टिविटी से जोड़ना है। यह डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप इकोसिस्टम और तकनीकी नवाचारों के लिए एक मजबूत आधार बनेगा।

उन्होंने कहा कि भारत की रणनीति केवल वर्तमान तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है।


6-जी में भारत बनेगा वैश्विक लीडर : लोकसभा में अपने वक्तव्य में सिंधिया ने कहा, “भारत ने 4-जी में दुनिया का अनुसरण किया, 5-जी में दुनिया के साथ कदम मिलाया और 6-जी में दुनिया का नेतृत्व करेगा।”

उन्होंने बताया कि सरकार 6-जी तकनीक के विकास के लिए पहले से ही अनुसंधान, मानकीकरण और नवाचार पर काम कर रही है, ताकि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक डिजिटल नेतृत्व की भूमिका निभा सके।


ग्रामीण भारत में वाई-फाई और ब्रॉडबैंड नेटवर्क  : ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर मंत्री ने बताया कि वाई-फाई हॉटस्पॉट और ब्रॉडबैंड नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। महाराष्ट्र वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापना में अग्रणी राज्यों में शामिल है।

उन्होंने कहा कि ब्रॉडबैंड कनेक्शन की संख्या पिछले दशक में 6 करोड़ से बढ़कर आज कई गुना हो चुकी है और इसे और सुदृढ़ बनाने की दिशा में काम जारी है।

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