नई दिल्ली । आगामी केरल विधानसभा चुनाव को देखते हुए चुनाव आयोग ने तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ कोच्चि में बैठक कर चुनावी व्यवस्थाओं और प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया।
बैठक में विभिन्न मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई और चुनाव प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव मांगे गए।
राजनीतिक दलों ने दिए सुझाव : समीक्षा बैठक में आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), कांग्रेस समेत कई राष्ट्रीय दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस, केरल कांग्रेस (एम) और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी जैसे राज्य स्तरीय दलों ने भी अपने सुझाव रखे।
अधिकांश दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग की सराहना की। कई दलों ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के कार्य की भी प्रशंसा की।
त्योहारों और मतदाता सुविधा पर जोर : कुछ राजनीतिक दलों ने आयोग से आग्रह किया कि चुनाव की तारीखें तय करते समय राज्य के स्थानीय त्योहारों को ध्यान में रखा जाए। वहीं बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
इसके अलावा चुनाव के दौरान धनबल, शराब या अन्य प्रलोभनों के वितरण को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता भी जताई गई।
एआई के दुरुपयोग पर भी चिंता : बैठक के दौरान कुछ दलों ने चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और फर्जी डिजिटल सामग्री के इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त की।
पारदर्शिता पर दिया जोर : मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी ढंग से संचालित की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए फॉर्म 6, 7 और 8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
अधिकारियों को दिए निर्देश : बैठक के बाद आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ भी विस्तृत चर्चा की। इसमें चुनाव योजना, ईवीएम प्रबंधन, प्रशिक्षण, कानून व्यवस्था, जब्ती कार्रवाई और मतदाता जागरूकता जैसे मुद्दों की समीक्षा की गई।
चुनाव आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर और पीने के पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि सभी मतदाता आसानी से मतदान कर सकें।
आयोग ने कहा कि केरल में चुनाव निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से कराए जाएंगे और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का आदर्श उदाहरण बनाने का प्रयास किया जाएगा।


