₹397 करोड़ के फर्जी बिलों से ₹60.59 करोड़ की टैक्स धोखाधड़ी : सीजीएसटी दिल्ली ने कंपनी के निदेशक को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) दिल्ली दक्षिण आयुक्तालय की अपवंचन-रोधी शाखा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कंपनी ने ₹397.23 करोड़ के फर्जी चालानों के जरिए ₹60.59 करोड़ का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) गलत तरीके से हासिल किया।

जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कंपनी के कथित आपूर्तिकर्ता के जीएसटी रिटर्न डेटा और घोषित व्यापार स्थल की जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं। बताया गया कि कंपनी का पता केवल एक सह-कार्य (को-वर्किंग) स्थल था, जहां किसी भी प्रकार की वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि, स्टॉक, खाता-बही या चालान से जुड़ा कोई प्रमाण नहीं मिला।

अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान कंपनी का निदेशक फर्म के संचालन और कथित लेनदेन से जुड़े भुगतान के तरीकों के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जांच में यह भी सामने आया कि वस्तुओं की आपूर्ति से संबंधित कोई सत्यापन योग्य भुगतान मार्ग (पेमेंट ट्रेल) स्थापित नहीं हो सका, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि लेनदेन केवल कागजी थे और इनका उद्देश्य फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करना था।

सीजीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 16 के उल्लंघन और धारा 132 के तहत दंडनीय अपराध पाए जाने पर निदेशक को गिरफ्तार किया गया। बाद में उसे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

सीजीएसटी दिल्ली दक्षिण आयुक्तालय के अनुसार चालू वित्त वर्ष में इस तरह की कर धोखाधड़ी के मामलों में अब तक 45 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि फर्जी आईटीसी के जरिए राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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