दतिया। शहर के गोराघाट क्षेत्र में बुधवार को उस समय माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब बिना प्रशासनिक अनुमति निकाली जा रही आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की संकल्प यात्रा को पुलिस ने रोक दिया। गोराघाट स्थित सिंध पुल के पास बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक के बाद स्थिति झड़प में बदल गई।
पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड हटाने की कोशिश के चलते कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को वाटर कैनन और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।
बैरिकेड तोड़ने की कोशिश, सड़क पर प्रदर्शन : प्रशासन ने पहले ही इस यात्रा को अनुमति नहीं दी थी, बावजूद इसके बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता गोराघाट पहुंच गए और आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की और बार-बार समझाइश भी दी।
इसके बावजूद कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे और कुछ लोगों ने बैरिकेड हटाने का प्रयास किया। कई कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए, वहीं कुछ लोग सड़क पर लेटकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। इस दौरान कुछ देर के लिए वहां से गुजरने वाला यातायात भी प्रभावित हुआ।
भीड़ को हटाने के लिए पुलिस की कार्रवाई : स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने पहले हल्का बल प्रयोग किया। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन चलाए गए और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। पुलिस बल ने मौके से करीब 100 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को बसों के माध्यम से बड़ौनी स्थित अस्थायी जेल भेजा गया।
यात्रा का नेतृत्व कर रहे नेता भी हिरासत में : बताया जा रहा है कि इस संकल्प यात्रा का नेतृत्व आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर सिंह यादव कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें भी अन्य कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में ले लिया।
गोराघाट क्षेत्र बना पुलिस छावनी : घटना के दौरान पूरे गोराघाट क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा। एएसपी सुनील शिवहरे ने बताया कि पुलिस पहले से अलर्ट थी और दतिया के साथ-साथ ग्वालियर पुलिस की टीम भी व्यवस्था संभालने के लिए तैनात की गई थी। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति किसी भी तरह की रैली या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ही यह कार्रवाई की गई। घटना के बाद कुछ समय तक क्षेत्र में तनाव बना रहा, हालांकि बाद में हालात सामान्य होने पर यातायात फिर से सुचारू कर दिया गया।

