दतिया/भोपाल : मध्यप्रदेश की राजनीति में गुरुवार देर रात बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। विधानसभा सचिवालय ने देर रात कार्रवाई करते हुए उनकी सीट को रिक्त घोषित करने का निर्णय लिया और इससे संबंधित पत्र चुनाव आयोग को भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। इस अचानक हुई कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

बताया जा रहा है कि गुरुवार रात करीब साढ़े दस बजे विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा अचानक सचिवालय पहुंचे और कार्यालय खुलवाकर आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया शुरू कराई। देर रात तक आदेश तैयार किया गया और अंततः सदस्यता समाप्त करने की औपचारिकता पूरी की गई।
देर रात खुला सचिवालय, बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी : रात के समय सचिवालय खुलने की सूचना मिलते ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा सहित अन्य नेता भी विधानसभा पहुंच गए। नेताओं ने प्रमुख सचिव से इस असामान्य समय पर की जा रही कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।
हालांकि, इस दौरान प्रमुख सचिव बिना कोई स्पष्ट जवाब दिए वहां से निकल गए, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस ने लगाए राजनीतिक दबाव के आरोप : कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया जल्दबाजी में और दबाव में की गई है। उन्होंने कहा कि नियमों को दरकिनार कर इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले को न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।
कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर उपचुनाव तय : गौरतलब है कि राजेंद्र भारती को हाल ही में एक पुराने मामले में सजा सुनाई गई है, जिसके बाद यह स्थिति बनी है। अदालत ने उन्हें अपील के लिए 60 दिनों का समय दिया है। यदि इस अवधि में उच्च न्यायालय से कोई राहत नहीं मिलती है, तो दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना लगभग तय माना जा रहा है।
विधानसभा सचिवालय द्वारा सीट रिक्त घोषित करने की जानकारी चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को भी भेजी जा चुकी है। अब आगामी प्रक्रिया और संभावित चुनाव कार्यक्रम को लेकर अंतिम निर्णय चुनाव आयोग द्वारा लिया जाएगा।
अचानक बदला घटनाक्रम, तेज हुई चर्चाएं : दिन में जहां यह संकेत दिए जा रहे थे कि अपील की अवधि को देखते हुए तत्काल कोई कार्रवाई नहीं होगी, वहीं देर रात हुए इस घटनाक्रम ने सभी को चौंका दिया। प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा दिन में दिल्ली में थे और शाम को भोपाल लौटने के बाद सीधे विधानसभा पहुंचकर पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है।

