दतिया : जिले के प्रसिद्ध पंडोखर धाम में चल रहे 30वें वार्षिक महोत्सव एवं श्रीराम महायज्ञ के तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही यज्ञ, कथा और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच हजारों श्रद्धालु धाम पहुंचे और आध्यात्मिक वातावरण में सहभागी बने।
दिनभर चले आयोजनों में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। महोत्सव में उमड़ी भीड़ और भक्तिमय माहौल ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया।
यज्ञ में सैकड़ों यजमानों ने किया पूजन : महोत्सव के दौरान यज्ञाचार्य उमाशंकर देवलिया के सान्निध्य में दो सौ से अधिक यजमानों ने विधि-विधान से यज्ञ में पूजन-अर्चन किया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ भगवान की परिक्रमा कर आशीर्वाद प्राप्त किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

कथा में बताया भक्ति का महत्व : श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा व्यास पंडित विनोद शास्त्री ने महाभारत प्रसंगों के माध्यम से धर्म और भक्ति का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति धर्म के मार्ग पर चलता है और भगवान की शरण में रहता है, उसका कभी अहित नहीं होता।

कथा के दौरान उन्होंने राजा परीक्षित का उदाहरण देते हुए कहा कि “भगवान ने भक्ति को माता के गर्भ में ही दर्शन दिए और अपने सुदर्शन चक्र से उनकी रक्षा की।” उन्होंने कलयुग में नाम स्मरण की महिमा बताते हुए कहा कि केवल भगवान के नाम का आधार लेकर भी मनुष्य जीवन सफल हो सकता है।
भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी : महोत्सव के दौरान आयोजित विशाल भंडारे में दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। धाम परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।

भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम : श्रद्धा मंच पर आयोजित भजन संध्या में पंडित अखिलेश द्विवेदी ने भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। वहीं, भोपाल के खेल समूह द्वारा मलखंभ कला का शानदार प्रदर्शन भी किया गया, जिसने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

5 अप्रैल को होंगे बुंदेली लोकगीतों के कार्यक्रम : महोत्सव के अंतर्गत 5 अप्रैल को सांस्कृतिक मंच पर जयसिंह राजा एंड ग्रुप द्वारा बुंदेली लोकगीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु रहे मौजूद : इस अवसर पर कई संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पंडोखर धाम में जारी यह महोत्सव आगामी दिनों में भी भक्ति, संस्कृति और आस्था का केंद्र बना रहेगा।

