दतिया : पंडोखर धाम में चल रहे 30वें सांस्कृतिक महोत्सव एवं श्रीराम महायज्ञ के दौरान पूरा क्षेत्र इन दिनों भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक रंगों में डूबा नजर आ रहा है। धाम परिसर में सुबह से लेकर देर रात तक धार्मिक अनुष्ठानों, कथा, भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला निरंतर जारी है, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच यहां हर दिन नए-नए आयोजनों के जरिए सनातन संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है।
इसी क्रम में सुप्रसिद्ध लोकगीत गायक जयसिंह राजा एवं उनके ग्रुप द्वारा बुंदेली लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। लोकगीतों की मधुर धुनों पर श्रोता झूम उठे और पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम ने बुंदेलखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति को जीवंत कर दिया और महोत्सव में उत्साह का नया रंग भर दिया।
7 अप्रैल से शुरू होगी भव्य रामलीला : श्रीराम महायज्ञ के दौरान 7 अप्रैल से भव्य श्रीरामलीला मंचन का शुभारंभ होने जा रहा है, जो 22 अप्रैल तक लगातार चलेगा। क्षेत्र के लोगों में रामलीला को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और इसके शुरू होते ही बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
रामलीला में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। साथ ही हास्य कलाकार बब्लू दीवाना और कुशल नृत्य कलाकार भी दर्शकों का मनोरंजन करेंगे, जिससे मेले का आकर्षण और बढ़ेगा।
वेद मंत्रों से गुंजायमान हुआ धाम, यज्ञ में दी गई आहुतियां : रविवार को प्रातः काल से ही वेद मंत्रों की गूंज से पंडोखर धाम गुंजायमान हो उठा। यज्ञाचार्य उमाशंकर देवलिया के नेतृत्व में 151 विद्वानों द्वारा दो सैकड़ा से अधिक यजमानों के साथ यज्ञ शाला में स्थापित देवी-देवताओं का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कराया गया।
दोपहर बाद श्रद्धालुओं ने श्रीराम महायज्ञ में आहुति दी, जिसके उपरांत महाआरती का आयोजन हुआ। इस अवसर पर पीठाधीश्वर श्री गुरु शरण जी महाराज सहित सैकड़ों यजमानों ने आरती एवं पुष्पांजलि में भाग लिया।
श्रीमद्भागवत कथा में नारी शक्ति का वर्णन : महोत्सव के अंतर्गत आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पं. विनोद शास्त्री जी महाराज ने सती अनुसूया चरित्र के माध्यम से नारी शक्ति और पतिव्रता धर्म की महिमा का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि सती अनुसूया ने अपने तप और सतीत्व से त्रिदेवों को बाल रूप में परिवर्तित कर मातृत्व की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत की थी। कथा के दौरान अजामिल, जड़ भरत और ध्रुव चरित्र का भी मार्मिक वर्णन किया गया।
कथा के समापन पर मुख्य परीक्षित श्रीमती मीरा देवी सतीश सोनी एवं उनके परिवार ने आरती कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु : शनिवार रात्रि को आयोजित भजन संध्या में सौम्या बुधौलिया एवं खनिज देव चौहान एंड ग्रुप द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और भक्ति रस में डूबे नजर आए।
आज और कल रासलीला, मयूर नृत्य और ब्रज की होली : महोत्सव के तहत 6 और 7 अप्रैल को वृंदावन से आए माही शर्मा एंड ग्रुप द्वारा रासलीला, मयूर नृत्य और ब्रज की होली का मंचन किया जाएगा। इन प्रस्तुतियों को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है और आयोजकों को बड़ी भीड़ की उम्मीद है।

