दतिया। पंडोखर धाम में आयोजित 30वें वार्षिक महोत्सव और श्रीराम महायज्ञ में इन दिनों आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। देश-विदेश से पहुंचे संतों, महात्माओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। महोत्सव के छठवें दिन संतों के आगमन से न केवल धार्मिक वातावरण और अधिक गूंजायमान हुआ, बल्कि धाम की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त होती नजर आई।
मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज एवं यूरोप से पधारे संत अनंत बौद्ध चेतन जी महाराज सहित कई संतों ने महोत्सव में सहभागिता की। उनके आगमन पर पंडोखर पीठाधीश्वर गुरु शरण महाराज, आचार्य उमाशंकर देवलिया एवं अन्य संतों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। संतों ने धाम परिसर में स्थापित श्री बालाजी महाराज सहित विभिन्न देवी-देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
संतों के दर्शन से मिलती है आत्मिक शांति : इस अवसर पर गुरु शरण महाराज ने कहा कि सिद्ध पुरुषों और संतों के दर्शन मात्र से मनुष्य के पाप नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि जैसे चंद्रमा शीतलता प्रदान कर गर्मी को कम करता है, उसी प्रकार संतों का सानिध्य जीवन के कष्टों को दूर करता है। महोत्सव में संतों का यह समागम धाम की दिव्यता और भव्यता को और अधिक बढ़ा रहा है।
भागवत कथा में कृष्ण लीलाओं का वर्णन : महोत्सव के अंतर्गत आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पंडित विनोद शास्त्री जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान ने विभिन्न लीलाओं के माध्यम से दैत्यों का संहार कर धर्म की स्थापना की। पूतना वध, कालिया नाग दमन और गोवर्धन धारण जैसी लीलाओं का वर्णन सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
यज्ञ और पूजन में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब : श्रीराम महायज्ञ में विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में यजमानों द्वारा विधि-विधान से पूजन और आहुतियां दी गईं। वेद मंत्रों की गूंज के बीच महाआरती और पुष्पांजलि में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समा : महोत्सव के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वृंदावन से आए कलाकारों ने रासलीला, मयूर नृत्य और ब्रज की होली की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भक्ति गीतों और नृत्य के माध्यम से कलाकारों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। हास्य कलाकारों की प्रस्तुतियों ने माहौल को आनंदमय बना दिया।
कुल मिलाकर पंडोखर धाम महोत्सव में भक्ति, संस्कृति और आध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार आध्यात्मिक अनुभव बनता जा रहा है।

